जिले रद्द करने पर तेज हुई राजनीति, गहलोत ने कहा- "नाकारा सरकार की एकमात्र उपलब्धि 9 जिले खत्म करना"

जिले रद्द करने पर तेज हुई राजनीति, गहलोत ने कहा- "नाकारा सरकार की एकमात्र उपलब्धि 9 जिले खत्म करना"

जयपुर। राजस्थान में 9 जिलों और 3 संभागों को रद्द करने के सरकार के फैसले को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए हैं। गहलोत ने इसे सरकार की "नाकामी" बताते हुए कहा कि जनता को गुमराह करने के लिए इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं।

गहलोत का आरोप: "क्या यही है उपलब्धि?"

गहलोत ने कहा, "एक साल में इनकी क्या उपलब्धि है? 9 जिलों को समाप्त करने के सिवाय तो इन्होंने कोई काम ही नहीं किया। जब इनसे पूछा जाएगा कि आपकी उपलब्धि क्या है, तो ये यही बताएंगे कि हमने जिले खत्म किए।" गहलोत ने कहा कि यह कदम न केवल प्रशासनिक दृष्टि से गलत है बल्कि जनता के साथ अन्याय भी है।

"जनता के हक की लड़ाई लड़ेंगे": डोटासरा

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने जनभावनाओं और प्रशासनिक सुविधा के मद्देनजर नए जिलों और संभागों का गठन किया था। लेकिन भाजपा सरकार ने एकतरफा फैसला लेते हुए इन्हें खत्म कर दिया।

डोटासरा ने कहा, "भाजपा सरकार ने अपने कार्यकर्ता ललित के. पंवार से रिपोर्ट बनवाकर जिलों और संभागों को निरस्त कर दिया। यह जनता के साथ धोखा है। कांग्रेस सड़क से सदन तक इसका विरोध करेगी और सरकार को झुकाकर रहेगी।"

"दिल्ली से आई पर्ची पर हुआ फैसला"

डोटासरा ने आरोप लगाया कि यह फैसला दिल्ली से आए आदेश पर हुआ। उन्होंने कहा, "12 महीनों में भाजपा की पर्ची सरकार की एकमात्र उपलब्धि यही है कि 9 जिले और 3 संभाग खत्म कर दिए। जिस कमेटी का चेयरमैन भाजपा का सदस्य हो, उसकी अनुशंसा का क्या औचित्य है?"

क्या है विवाद?

कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान राजस्थान में प्रशासनिक सुधार और क्षेत्रीय संतुलन के लिए 19 नए जिलों और 3 नए संभागों का गठन किया था। भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही इनमें से 9 जिलों और 3 संभागों को रद्द कर दिया। भाजपा का दावा है कि यह कदम आर्थिक और प्रशासनिक मापदंडों के अनुसार लिया गया है।

कांग्रेस का ऐलान

कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह जनता के हक के लिए हर मंच पर लड़ाई लड़ेगी। पार्टी ने इसे "जनविरोधी" कदम करार दिया और जनता से इसके खिलाफ एकजुट होने की अपील की है।

इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। देखना होगा कि यह विवाद आने वाले समय में किस दिशा में जाता है।

G News Portal G News Portal
391 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.