भरतपुर/बयाना: भीषण गर्मी की आहट के साथ ही भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र स्थित बंशी पहाड़पुर गांव में जल संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'जल जीवन मिशन' योजना यहाँ प्रशासनिक कछुआ चाल और रेलवे विभाग की एनओसी (NOC) के फेर में अधर में लटकी हुई है। आलम यह है कि हजारों की आबादी वाले इस गांव की प्यास बुझाने का जिम्मा अब महज एक सरकारी हैंडपंप पर आ टिका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन मुख्य पाइपलाइन को रेलवे ट्रैक के नीचे से क्रॉस कराना शेष है।
नियमों की उलझन: रेलवे ट्रैक के नीचे से पाइपलाइन ले जाने के लिए रेलवे विभाग की तकनीकी स्वीकृति (NOC) अनिवार्य है।
देरी का परिणाम: पीएचईडी (PHED) विभाग का दावा है कि आवेदन काफी समय पहले किया जा चुका है, लेकिन रेलवे की ओर से अब तक हरी झंडी नहीं मिली है। इस देरी ने पूरी पेयजल योजना को 'डेड स्टॉप' पर ला दिया है।
गांव में पेयजल के अन्य स्रोत सूखने या ठप होने के कारण पूरी ग्राम पंचायत की भारी आबादी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर में लगे एकमात्र चालू हैंडपंप पर निर्भर हो गई है।
सुबह से कतारें: पानी भरने के लिए तड़के 4 बजे से ही महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की लंबी लाइनें लग जाती हैं।
घंटों की मशक्कत: चिलचिलाती धूप में ग्रामीणों को दो बाल्टी पानी के लिए 2 से 3 घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे न केवल उनका समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि दैनिक कामकाज और मजदूरी पर भी असर पड़ रहा है।
इस गंभीर समस्या को लेकर जब पीएचईडी (PHED) के सहायक अभियंता (AEN) से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि विभाग अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहा है।
"रेलवे क्रॉसिंग के लिए आवश्यक आवेदन और औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। जैसे ही रेलवे विभाग से अनुमति प्राप्त होगी, पाइपलाइन बिछाने का बचा हुआ कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा ताकि गर्मी बढ़ने से पहले ग्रामीणों को घर-घर कनेक्शन के जरिए पानी मिल सके।"
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रेलवे से एनओसी लेकर कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन की राह चुनने को मजबूर होंगे।
प्रशासनिक तालमेल की कमी का खामियाजा आज बंशी पहाड़पुर की महिलाएं और बच्चे भुगत रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन और रेलवे समन्वय बिठाकर इस 'प्यास' का समाधान निकालते हैं या जनता ऐसे ही त्रस्त रहेगी।
#JalJivanMission #WaterCrisis #BharatpurNews #Bayana #RailwayNOC #PublicOutcry #RajasthanNews #DrinkingWaterProblem
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.