शामगढ़ में टूटी रेल पटरी, दुर्घटनागस्त होने से बची मालगाड़ी, 21 दिन में पांचवी घटना

शामगढ़ में टूटी रेल पटरी, दुर्घटनागस्त होने से बची मालगाड़ी, 21 दिन में पांचवी घटना

Rail News:। कोटा-नागदा रेलखंड स्थित मंडल के शामगढ़ स्टेशन के पास रविवार को रेल पटरी टूटने का मामला सामने आया है। इस घटना में एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। बाद में पटरी की मरम्मत कर मालगाड़ी को निकाला गया। कोटा रेल मंडल में पटरी टूटने की 21 दिन में यह पांचवी घटना है।
सूत्रों ने बताया कि इस घटना का सुबह करीब 8 बजे पता चला। पटरी पर टीआरडी विभाग का काम चल रहा था। इस काम में ठेकेदार के मजबूर भी लगे हुए थे। तभी कुछ दूरी पर एक मजदूर को डाउन लाइन की पटरी टूटी नजर आई। मजदूर से इसकी जानकारी टीआरडी कर्मचारी ओम प्रकाश को दी। ओम प्रकाश ने देखा की सिग्नल हरे हो रहे हैं ऐसे में किसी भी क्षण मौके पर कोई ट्रेन पहुंच सकती है। यह देखकर ओम प्रकाश ने मामले की सूचना तुरंत स्टेशन मास्टर को दी। सूचना मिलते ही बिना समय गंवाए स्टेशन मास्टर ने सिग्नल को लाल कर दिया। इसी दौरान एक मालगाड़ी आती नजर आई। लेकिन लाल सिग्लन होने पर मालगाड़ी मौके पर ही खड़ी हो गई।
पटरी को किया ठीक
इसके बाद स्टेशन मास्टर ने मामले की सूचना रेल पथ इंजीनियरों को दी। सूचना पर कुछ ही देर में मौके पर पहुंचे इंजीनियरों ने ट्रैकमेंटनरों की मदद से पटरी की अस्थाई मरम्मत कर दी। इसके बाद मौके से मालगाड़ी और अन्य ट्रेनों को धीमी रफ्तार से निकाला गया। इस घटना के चलते मालगाड़ी करीब 20 मिनट मौके पर खड़ी रही। बाद में ब्लॉक लेकर टूटी पटरी को बदला गया।
बड़ी घटना टली
अगर यह टूटी पटरी नजर नहीं आती हो बड़ी घटना हो सकती थी। तेज रफ्तार से दौड़ रही मालगाड़ी पलट भी सकती थी। यह पटरी बिना वैल्डिंग वाली जगह से टूटी है। ऐसे में यहां पटरी पर कोई सुरक्षा प्लेट भी नहीं बंधी हुई थी। इस स्थिति में ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा ज्यादा रहता है।
कारण का पता नहीं
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल पटरी टूटने के कारणों का पता नहीं चला है। मामले की जांच की जा रही है। तेज सर्दी से भी कई बार पटरी टूट जाती है।
आमली में आ चुका है ऐसा मामला
इससे पहले 25 जनवरी को कोटा-सवाईमाधोपुर रेलखंड स्थित आमली और रवांजनाडूंगर स्टेशनो के बीच भी ऐसा ही मामला सामने आ चुका है। यहां भी बिना वैल्डिंग वाली जगह से पटरी टूट गई थी। घटना का पता चलते ही गश्त कर रहे ट्रेकमैनों ने 200 मीटर दौड़कर पुणे-निजामुद्दीन ट्रेन को दुर्घटनागस्त होने से बचाया था।
इसी दिन बारां रेलखंड स्थित अंता में भी रेल पटरी टूटने का मामला सामने आया था। जब कि इससे पहले 16 जनवरी को कोटा-सवाईमाधोपुर रेलखंड स्थित इंद्रगढ़ स्टेशन के पास तथा इससे पहले 12 जनवरी को बूंदी खंड में श्रीनगर और जालंधरी स्टेशनों के बीच भी रेल पटरी टूटने का मामला सामने आया था। यहां मेवाड़ एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से बची थी। गश्त कर रहे ट्रैकमैनों को घटना का पता चलते ही मेवाड़ एक्सप्रेस को बूंदी स्टेशन पर करीब आधा घंटा तक रोका गया था।

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