कोटा। कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (भारत सरकार का उपक्रम) के वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (SAG) स्तर के अधिकारियों की इंटर-रेलवे संरक्षा ऑडिट टीम ने अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को कोटा रेलवे यार्ड का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने विशेष रूप से दुर्घटना राहत ट्रेन (ART) की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिसमें एक गंभीर खामी सामने आई है।
निरीक्षण के दौरान, मेडिकल दुर्घटना राहत ट्रेन के प्रभारी के तौर पर एक फार्मासिस्ट अधिकारियों के सवालों के जवाब देते नजर आए। जबकि यह कार्यभार आमतौर पर नर्सिंग सुपरवाइजर या किसी चिकित्सा अधिकारी का होना चाहिए। दुर्घटना की स्थिति में, नर्सिंग स्टाफ ही मरीजों का प्राथमिक उपचार, मरहम-पट्टी और देखभाल करता है। यहां तक कि ट्रेन में ऑपरेशन के दौरान भी नर्सिंग स्टाफ की मौजूदगी अनिवार्य होती है। सूत्रों ने बताया कि कोंकण रेलवे की ऑडिट टीम ने इस विसंगति को गंभीरता से संज्ञान में लिया है।
फार्मासिस्ट का मुख्य कार्य केवल दवाइयां बांटना होता है। लेकिन कोटा मंडल में एक फार्मासिस्ट को दुर्घटना राहत ट्रेन का इंचार्ज बनाया गया है, जबकि अन्य मंडलों में यह पद किसी नर्सिंग सुपरवाइजर या अधिकारी के पास होता है।
निरीक्षण के बाद सभी अधिकारी कोंकण लौट गए हैं। गौरतलब है कि इस टीम ने सोमवार को कोटा-सवाई माधोपुर रेल खंड का भी निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पाई गई अन्य खामियों का विस्तृत विवरण अधिकारियों का आधिकारिक पत्र आने के बाद ही पता चलेगा।
#रेलवेसुरक्षा #कोटा #दुर्घटनाराहतट्रेन #फार्मासिस्ट #नर्सिंगस्टाफ #कोंकणरेलवे #संरक्षाऑडिट #रेलवेअव्यवस्था #मेडिकलसुविधाएं