कोटा। रेलवे बोर्ड के सार्वजनिक शिकायतों के कार्यकारी निदेशक विकास कुमार जैन मंगलवार को कोटा मंडल के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने मंडल में लागू की गई अति-महत्वपूर्ण स्वदेशी ट्रेन टक्कर रोधी प्रणाली 'कवच' (KAVACH) का निरीक्षण और ट्रायल किया।
निदेशक विकास कुमार जैन ने निजामुद्दीन-कोटा जनशताब्दी ट्रेन में यात्रा करते हुए गंगापुर तक कवच सिस्टम का ट्रायल किया।
परिणाम: हिंडौन स्टेशन पर लूप लाइन परीक्षण के दौरान, 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही ट्रेन को कवच प्रणाली द्वारा स्वचालित रूप से नियंत्रित करके सफलतापूर्वक 15 किमी प्रति घंटा की सुरक्षित सीमा तक लाया गया।
अन्य परीक्षण: इस ट्रायल में समपार फाटक और तीव्र वक्र (शार्प कर्व) स्थलों पर स्वचालित हॉर्न प्रणाली का भी सफल परीक्षण किया गया।
गंगापुर स्टेशन पर अधिकारियों की बैठक लेने के बाद विकास कुमार जैन ने लोको पायलटों (Loco Pilots) से कवच सिस्टम के संबंध में कई सवाल-जवाब किए।
कमियां: इस दौरान कई लोको पायलट कवच प्रणाली के तकनीकी पहलुओं और उपयोग के बारे में जवाब देते समय लड़खड़ाते नज़र आए।
सफलता: हालांकि, कुछ लोको पायलटों ने सटीक और संतोषजनक जवाब भी दिए।
निर्देश: पूछताछ के बाद, विकास कुमार जैन ने अधिकारियों को सिस्टम के पूर्ण उपयोग और प्रशिक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने लॉबी का भी निरीक्षण किया और कोटा-देहरादून नंदा देवी ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
'कवच' सिस्टम के सफल ट्रायल को देखते हुए, डीआरएम अनिल कालरा ने जनशताब्दी ट्रेन के लोको पायलट मनोज मीणा और संजय सैनी को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
उल्लेखनीय है कि कोटा रेल मंडल देश का पहला ऐसा रेल खंड बन गया है, जहां कवच 4.0 सिस्टम को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। इस प्रणाली के लागू होने से यह उम्मीद जताई जा रही है कि मंडल में अब ट्रेनों के आपस में टकराने (टक्कर) जैसी बड़ी दुर्घटनाएं नहीं होंगी।
क्या आप 'कवच' सिस्टम के तकनीकी पहलुओं या कोटा मंडल में इसके लागू होने के बारे में और जानकारी जानना चाहेंगे?
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