रेल मंडल का 'ग्रीन मिशन': सौर ऊर्जा से बचाए 5 करोड़ रुपये, हर साल हो रहा 64 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन

रेल मंडल का 'ग्रीन मिशन': सौर ऊर्जा से बचाए 5 करोड़ रुपये, हर साल हो रहा 64 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन

कोटा। भारतीय रेलवे को पर्यावरण अनुकूल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कोटा रेल मंडल ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 'हरित ऊर्जा' (Green Energy) अभियान के तहत मंडल ने अपने विभिन्न रेलवे स्टेशनों, कार्यालय भवनों और परिसरों की छतों का बेहतरीन उपयोग करते हुए सौर ऊर्जा उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इन रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों की मदद से रेलवे को हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व की सीधी बचत हो रही है।

4.54 मेगावाट क्षमता के प्लांट कर रहे कमाल

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) सौरभ जैन ने बताया कि हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कोटा रेल मंडल ने साल 2023 से लेकर 2026 के मध्य तक विभिन्न रेलवे भवनों और परिसरों पर कुल 4.54 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र (Rooftop Solar Power Plants) स्थापित किए हैं।

ये सौर ऊर्जा संयंत्र वर्तमान में प्रतिवर्ष लगभग 64 लाख यूनिट स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल विद्युत का उत्पादन कर रहे हैं। इस भारी मात्रा में हो रहे सौर उत्पादन के कारण कोटा मंडल को हर साल करीब 5 करोड़ रुपए की मोटी बिजली बिल की बचत हो रही है।

बिजली का लोड बढ़ा, फिर भी 3 करोड़ रुपये घट गया बिल!

सौर ऊर्जा के इस जादुई असर को समझाते हुए सीनियर डीसीएम ने कुछ बेहद दिलचस्प और तकनीकी आंकड़े भी साझा किए:

  • कनेक्टेड विद्युत लोड में बढ़ोतरी: वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2025-26 के मध्य कोटा मंडल का कुल कनेक्टेड विद्युत लोड 23 हजार 390 किलोवाट से बढ़कर 24 हजार 20 किलोवाट हो गया।

  • बिजली बिल में भारी गिरावट: आमतौर पर लोड बढ़ने के साथ बिजली का खर्च और बिल दोनों बढ़ता है, लेकिन सौर ऊर्जा के बंपर उत्पादन के कारण कोटा मंडल का कुल विद्युत बिल 23 करोड़ रुपए से घटकर मात्र 20 करोड़ रुपए रह गया।

  • सालाना सीधी बचत: इस वित्तीय प्रबंधन और हरित तकनीक के तालमेल से रेलवे ने अपने मुख्य बिजली बिल में सीधे 3 करोड़ रुपए की अतिरिक्त बचत दर्ज की है।

कार्बन फुटप्रिंट कम करने में बड़ी भूमिका

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कदम न केवल वित्तीय रूप से फायदेमंद साबित हो रहा है, बल्कि पारंपरिक कोयला जनित बिजली पर निर्भरता कम करके कार्बन उत्सर्जन (Carbon Footprints) को घटाने में भी मील का पत्थर साबित हो रहा है। कोटा मंडल आने वाले दिनों में सौर ऊर्जा के इस दायरे को और बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है, ताकि मंडल के अंतर्गत आने वाले छोटे स्टेशनों को भी पूरी तरह हरित ऊर्जा से संचालित किया जा सके।

#हैशटैग (Trending Hashtags):

#KotaRailway #GreenEnergy #SolarPower #IndianRailways #WestCentralRailway #KotaDivision #CleanEnergy #SaveEnergy #EcoFriendlyRailway #SolarEnergyIndia

G News Portal G News Portal
33 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.