कोटा | भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कोटा मंडल के वरिष्ठ खंड अभियंता (Senior Section Engineer) मुकेश चंद जाटव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (DA Case) अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। एसीबी की जांच में सामने आया है कि जाटव के पास उनकी वैध कमाई से 31 लाख 35 हजार रुपए अधिक की संपत्ति है।
एसीबी की गहन जांच के दौरान जाटव की 16 साल की आय और खर्चों का ब्योरा खंगाला गया। जांच की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
अवधि: 19 अप्रैल 2006 से 16 सितंबर 2022 तक।
कुल वैध आय: सैलरी व अन्य स्रोतों से कुल 95.52 लाख रुपए।
अनुमानित खर्च: बच्चों की शिक्षा, भोजन और घरेलू उपभोग पर करीब 49.59 लाख रुपए खर्च किए।
वर्तमान संपत्ति: खर्चों के बावजूद जाटव के पास 1.27 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति पाई गई।
अंतर: जाटव की बचत और निवेश उनकी आय के मुकाबले 32.82% अधिक पाए गए।
बता दें कि मुकेश चंद जाटव को 16 सितंबर 2022 को एसीबी ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जाटव ने यह राशि एक ठेकेदार से पेड़ काटने की अनुमति के बदले अपने कार्यालय में ली थी। गिरफ्तारी के बाद सोगरिया स्थित उनके आवास की तलाशी में जमीन, मकान, एलआईसी और लग्जरी वाहनों के दस्तावेज बरामद हुए थे, जिसके बाद से ही वह एसीबी की रडार पर थे।
विवादों के बीच, पिछले महीने ही जाटव को ऑल इंडिया एससी-एसटी रेलवे एम्पलाइज एसोसिएशन का कोटा मंडल अध्यक्ष चुना गया था। जोनल अध्यक्ष विशंभर सिंह ने 8 दिसंबर को उनकी नियुक्ति के आदेश जारी किए थे। अब भ्रष्टाचार का नया मामला दर्ज होने के बाद उनकी इस नई जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
वर्तमान स्थिति: मामले की जांच एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक अनीश अहमद द्वारा की जा रही है।
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