कोटा। एक ओर जहाँ देश में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और एक महीने से भी कम समय में यह आंकड़ा रविवार तक करीब 3800 तक पहुंच गया है, वहीं कोटा स्थित रेलवे अस्पताल में कोरोना से निपटने की तैयारियां अभी भी अधूरी दिख रही हैं। अस्पताल में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट 3 साल से भी अधिक समय से बंद पड़ा है, जिससे गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता पर सवाल उठ रहे हैं।
यह ऑक्सीजन प्लांट पिछले कोरोना लहर के दौरान अगस्त 2021 में स्थापित किया गया था। प्लांट लगने के बाद कोरोना के मामलों में गिरावट आने से यह कुछ ही महीनों में बंद हो गया और अब इसके दरवाजों पर ताले लगे हुए हैं।
क्षमता और व्यवस्थाएँ सिर्फ कागजों पर? प्लांट लगने के समय रेलवे प्रशासन ने दावा किया था कि इसकी क्षमता प्रति मिनट 500 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन की होगी, जिससे रोजाना करीब 120 सिलेंडर भरे जा सकेंगे। एक सिलेंडर में लगभग 6 हजार लीटर ऑक्सीजन भरी जाने की बात कही गई थी, जिसका अर्थ था कि रेलवे अस्पताल में प्रतिदिन करीब 7 लाख 20 हजार लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन हो सकता था। इस प्लांट के अतिरिक्त, रेलवे अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए 12 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था भी की गई थी।
प्लानिंग के तहत, इस प्लांट के जरिए रेलवे अस्पताल में 60 बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था की गई थी। बच्चों के लिए आईसीयू में 6 और सामान्य वार्ड में 12 बेड आरक्षित थे, जबकि आपातकालीन स्थिति के लिए 3 बेड अलग से तैयार किए गए थे। मेडिकल कंज्यूमेबल आइटम, बाईपेप मशीन, री-ब्रीथिंग मास्क और जरूरी दवाइयों सहित अन्य उपकरणों का इंतजाम भी किया गया था, और मेडिकल स्टाफ को भी विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया था।
वर्कशॉप में प्लांट का सपना अधूरा उल्लेखनीय है कि कोरोना के समय वर्कशॉप में भी ऑक्सीजन की आपूर्ति लगभग बंद हो गई थी, जिसके कारण वर्कशॉप में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया था। इस प्लांट से रोजाना 200 सिलेंडर ऑक्सीजन भरने की योजना थी, जो मालगाड़ी के डिब्बों को काटने जैसे कार्यों में उपयोग की जाती है। हालांकि, जबलपुर मुख्यालय से मंजूरी न मिलने के कारण वर्कशॉप में यह प्लांट नहीं लग सका।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बोलीं: "चल रही है तैयारी" देश में बढ़ते कोरोना मामलों के मद्देनजर, जब इस विषय पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मंडल रेल चिकित्सालय सुपर्णा सेन रॉय से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि रेलवे अस्पताल द्वारा भी कोरोना को देखते हुए तैयारी की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार द्वारा जारी विशेष दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा और बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को भी दिखवाया जाएगा।
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