कोटा/दरा। रेल दुर्घटना को अपनी सूझबूझ से टालने वाले वरिष्ठ खंड अभियंता (रेल पथ) पीयूष शर्मा का रविवार को दरा पहुँचने पर जोरदार स्वागत किया गया। रेल मंत्री द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होकर लौटे पीयूष शर्मा के सम्मान में कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने पलक-पांवड़े बिछा दिए।
पीयूष शर्मा के दरा पहुँचते ही उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया गया। रेल कर्मचारियों ने उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी की और उत्साह के बीच उन्हें एक खुली जीप में बैठाकर विजय जुलूस निकाला। पूरा माहौल उत्सव जैसा नजर आया, जहाँ हर कोई इस जांबाज रेल अधिकारी की एक झलक पाने को उत्सुक था।
उल्लेखनीय है कि पीयूष शर्मा ने पिछले वर्ष 3 सितंबर को अपनी ड्यूटी के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया था। दरा रेल घाटी में भीषण बारिश के कारण भारी मात्रा में मलबा बहकर पटरी पर आ गया था। इसी दौरान वहाँ से मुंबई-सूबेदारगंज स्पेशल ट्रेन गुजरने वाली थी।
त्वरित निर्णय: पीयूष ने बिना समय गंवाए बिजली की सप्लाई बंद करवा दी।
बचाई सैकड़ों जानें: बिजली कटने से ट्रेन मलबे से मात्र 20 मीटर पहले रुक गई। यदि निर्णय लेने में पल भर की भी देरी होती, तो ट्रेन मलबे से टकराकर भीषण दुर्घटना का शिकार हो सकती थी।
इस साहसिक और उत्कृष्ट कार्य के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित गरिमामय राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में पीयूष शर्मा को व्यक्तिगत रूप से 'अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025' से सम्मानित किया। यह पुरस्कार रेलवे के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है।
स्वागत कार्यक्रम के दौरान पीयूष शर्मा ने इस सम्मान का श्रेय अपनी पूरी टीम और रेल प्रशासन के सहयोग को दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
#PiyushSharma #RailwayNationalAward #RailwayHero #DaraRailValley #AshwiniVaishnaw #RailwaySafety #KotaRailway #WCR #IndianRailways
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.