रेलवे की चुराई बिजली से हो रहा अमृत भारत योजना का काम, बच्चों से करवाया जा रहा पटरियों पर काम, रेलवे आवास बने ठेकेदारों के गोदाम

रेलवे की चुराई बिजली से हो रहा अमृत भारत योजना का काम, बच्चों से करवाया जा रहा पटरियों पर काम, रेलवे आवास बने ठेकेदारों के गोदाम

रेलवे की चुराई बिजली से हो रहा अमृत भारत योजना का काम, बच्चों से करवाया जा रहा पटरियों पर काम, रेलवे आवास बने ठेकेदारों के गोदाम

चित्तौड़गढ़ रेल खंड का हाल

कोटा। कोटा-चित्तौड़गढ़ रेलखंड स्थित कई स्टेशनों पर अमृत भारत योजना के तहत चल रहे पुनर्निमाण कार्य में रेलवे की बिजली चोरी का मामला सामने आया है। ठेकेदार के कर्मचारी स्टेशन पर फर्श और दीवारों पर लगे पत्थरों की घिसाई के लिए रेलवे की बिजली काम में ले रहे हैं। आपसी मिलीभगत के चलते कर्मचारियों की आपत्ति के बाद भी यह सिलसिला नहीं रुक रहा है। जबकि ठेकेदार को बिजली काम के लिए रेलवे से अलग से कनेक्शन लेना होता है। कई बार बड़ी मशीनें भी चोरी की बिजली से चला ली जाती हैं। इससे स्टेशन और रेलवे कॉलोनी की विद्युत सप्लाई व्यवस्था तक प्रभावित होने लगती है। इन अवैध कनेक्शनों से रेलवे और कर्मचारियों का बिजली बिल भी बढ़ता है। यह हाल यहां कई बार मांडलगढ़, सिंगोली, बरौंदनी, पारसोली तथा बस्सी आदि जगह नजर आता है।

रेल पटरियों पर बाल श्रम

इसी तरह इस रेल खंड पर कई ठेकेदारों द्वारा बाल श्रम नियमों की भी धज्जियां भी उड़ाई जा रही हैं। दो दिन पहले पारसोली क्षेत्र में पटरियों के रखरखाव कार्य में लगी मशीनों के साथ कई छोटे बच्चों से भी काम कराया जा रहा था। इनमें बालकों के साथ बालिकाएं भी शामिल थे। यह सभी मामा भील जाति के बच्चे हैं जो अपने माता-पिता के साथ काम करते हैं। काम के दौरान रेलवे कर्मचारी और कई बार सुपरवाइजर भी मौजूद रहते हैं, लेकिन इन बच्चों से काम से नहीं रोका जाता। कर्मचारियों ने बताया कि काम करने वालों में 10 से 15 साल तक बच्चे भी शामिल हैं।

दुर्घटना की आशंका

यह काम श्रम कानूनों का उल्लंघन तो है ही साथ में जोखिम भरा और भारी काम भी है। चलती मशीनों के साथ रेल पटरियों पर काम के दौरान विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। थोड़ी सी चूक के कारण कर्मचारियों या श्रमिकों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। लेकिन इसके बाद भी बच्चों से लगातार काम लिया जा रहा है।

रेलवे आवास बने गोदाम

इसी तरह इस रेल खंड पर कई जगह ठेकेदारों ने रेलवे आवासों को गोदाम बना रखा है। यहां रखे सीमेंट और अन्य सामग्री के चलते कॉलोनी वासियों को भारी परेशानी होती है। कई बार यह सामग्री सड़क तक फैली रहती है। सुपरवाइजर से शिकायत के बाद भी गोदामों को और जगह शिफ्ट नहीं किया जा रहा है।

वीडियो वायरल

काम करते इन बच्चों और बिजली चोरी के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी इन अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लग सकी है। वहीं कोटा मंडल अधिकारियों द्वारा मामले को दिखवाने की बात कही जा रही है।

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