Rail News: कोटा के भरतपुर स्टेशन पर एक रेलकर्मी ने आरपीएफ जवान के खिलाफ मारपीट और राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कराया है। पीड़ित रेलकर्मी का आरोप है कि आरपीएफ जवान ने उससे बिना अधिकार के तीन लोगों को पावर कार में बैठाने के लिए कहा था। जब उसने मना किया तो जवान ने उसके साथ मारपीट की और उसे झूठे मामले में फंसाकर जेल भेज दिया।
क्या है पूरा मामला?
अजमेर में विद्युत विभाग में तकनीशियन पद पर कार्यरत हुक्मराम सैनी ने बताया कि वह 7 दिसंबर को अगरा फोर्ट-अजमेर ट्रेन की पावर कार में ड्यूटी पर थे। इसी दौरान भरतपुर स्टेशन पर तैनात एक आरपीएफ कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह ने उनसे तीन लोगों को पावर कार में बैठाने को कहा। जब उन्होंने सुरक्षा कारणों से मना किया तो आरपीएफ जवान ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें पावर कार से उतार दिया।
कुछ दिन बाद आरपीएफ ने हुक्मराम को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ रेलवे नियमों का उल्लंघन करने का झूठा मामला दर्ज किया। हुक्मराम को 17 दिसंबर को जेल भेज दिया गया। तीन दिन बाद जेल से छूटने के बाद हुक्मराम ने भरतपुर जीआरपी थाने में धर्मेंद्र के खिलाफ मारपीट और राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कराया।
पुलिस ने क्या किया?
अजमेर से रिपोर्ट मिलने के बाद जीआरपी ने 11 जनवरी को धर्मेंद्र के खिलाफ धारा 121अ(1), 132 और 198 बीएनएस में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह मामला क्यों है महत्वपूर्ण?
यह मामला यह दर्शाता है कि रेलवे में भी कुछ लोग अपने पद का दुरुपयोग करते हैं और आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। इस मामले से यह भी पता चलता है कि रेलवे में अभी भी सुधार की आवश्यकता है।
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