कोटा: कोटा रेल मंडल में बुधवार को कर्मचारियों की सजगता और राहत उपकरणों की कार्यशीलता की जांच के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अधिकारियों ने मॉक ड्रिल को पूरी तरह सफल बताया है।
मॉक ड्रिल का विवरण:
- मॉक ड्रिल के लिए तीरथ-सकतपुरा स्टेशनों के बीच मानव रहित क्रॉसिंग गेट पर एक रेलवे इंजन और बस की टक्कर की सूचना दी गई।
- घटना में बस चालक सहित पांच सात यात्रियों के घायल होने की जानकारी दी गई।
- सूचना मिलते ही कोटा में हूटर बजने लगे और मेडिकल व दुर्घटना राहत ट्रेन को रवाना किया गया।
- मौके पर पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों ने दुर्घटना राहत कार्य का अभ्यास किया।
- वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी गोरधन मीना ने मॉक ड्रिल को सफल घोषित किया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य:
- कर्मचारियों की सजगता और त्वरित प्रतिक्रिया की जांच करना।
- दुर्घटना की स्थिति में राहत उपकरणों की कार्यशीलता की जांच करना।
- दुर्घटना राहत कार्य में समन्वय और दक्षता को बढ़ाना।
मॉक ड्रिल का महत्व:
- मॉक ड्रिल से कर्मचारियों को वास्तविक दुर्घटना की स्थिति में बेहतर ढंग से काम करने की क्षमता मिलती है।
- इससे दुर्घटना के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।
- इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
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