जैश की महिला स्लीपर सेल बबीता उर्फ 'खदीजा' 7 दिन के रिमांड पर, UAPA के तहत कार्रवाई; जयपुर के वाटिका से हुई गिरफ्तारी
जयपुर/सवाई माधोपुर। राजस्थान एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) ने एक संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान समर्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। खुफिया इनपुट के आधार पर एटीएस ने जयपुर के वाटिका इलाके से बबीता धाकड़ उर्फ 'खदीजा' को गिरफ्तार किया है। एटीएस के एसपी मनीष त्रिपाठी के मुताबिक, आरोपी महिला के खिलाफ UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर उसे कोर्ट से 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पूछताछ और जांच में सामने आया है कि मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले की रहने वाली बबीता धाकड़ का पहले विवाह हुआ था, लेकिन वह काफी समय से अपने पति से अलग (सेपरेट) रह रही थी। वर्तमान में वह जयपुर के वाटिका इलाके में अपने पिता के साथ रह रही थी। गिरफ्तारी के वक्त वह घर में अकेली थी। यहीं रहते हुए वह इंटरनेट के जरिए सीमा पार बैठे पाकिस्तानी आतंकियों और देश विरोधी नेटवर्क के संपर्क में आई।
एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, बबीता के पास से मिले स्मार्टफोन में दो सिम कार्ड सक्रिय थे। राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को छुपाने के लिए उसने अपने मोबाइल से काफी हद तक डिजिटल डेटा डिलीट (मिटा) कर दिया था, जिसे अब तकनीकी फॉरेंसिक माध्यमों से रिकवर (पुनः प्राप्त) किया जा रहा है।
शुरुआती जांच में उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स और व्हाट्सएप चैट में कई चौंकाने वाले इनपुट मिले हैं:
संदिग्ध विदेशी नंबर: बबीता के व्हाट्सएप पर कई पाकिस्तानी और विदेशी नंबरों से बातचीत के पुख्ता संकेत मिले हैं, जो आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों के बताए जा रहे हैं।
आतंकी प्रोपेगैंडा: उसकी फ्रेंड लिस्ट और चैट्स में ऐसे अकाउंट्स सक्रिय थे, जिन पर जैश-ए-मोहम्मद और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ी भारत विरोधी सामग्री शेयर की जा रही थी।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स पिछले कई महीनों से बबीता का धर्म परिवर्तन कराने के प्रयास में जुटे थे। उसने इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन कलमा पढ़कर अपना नाम बदलकर 'खदीजा' रख लिया था। एटीएस एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर बबीता की पाकिस्तान जाने की तीव्र इच्छा की बात भी सामने आई है। हालांकि, वह पूरी तरह से कन्वर्ट हो चुकी थी या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है और यह गहन जांच का विषय है।
सुरक्षा एजेंसियों को बबीता के मोबाइल से जिन कड़ियों के सुराग मिले हैं, वे सीधे देश के सबसे बड़े आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड्स तक जाते हैं:
कारी जरार नेटवर्क: इसके तार साल 2016 में जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में भारतीय सेना के कैंप पर हुए आत्मघाती हमले के मुख्य आरोपी और जैश कमांडर कारी जरार से जुड़े पाए गए हैं।
युसूफ अजहर नेटवर्क: बबीता के फोन से कुख्यात आतंकी मसूद अजहर के साले युसूफ अजहर उर्फ गोरी के नेटवर्क के नंबर भी मिले हैं, जो साल 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान IC-814 के हाईजैक (अपहरण) की साजिश में सीधे तौर पर शामिल था।
जैश की नई रणनीति 'जमात-उल-मुमिनात': सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद ने भारतीय युवतियों को ऑनलाइन माध्यमों से जाल में फंसाने और उन्हें स्लीपर सेल बनाने के लिए 'जमात-उल-मुमिनात' नाम से एक विशेष महिला विंग तैयार की है। बबीता इसी खतरनाक विंग की एक सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रही थी।
फिलहाल, एटीएस और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीमें बबीता से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कौन सी रणनीतिक और सैन्य जानकारियां सीमा पार भेजी हैं। इसके साथ ही राजस्थान में उसे फर्जी सिम, इंटरनेट डेटा और वित्तीय मदद देने वाले स्थानीय मददगारों (Local Support System) की तलाश में अलग-अलग जिलों में छापेमारी जारी है।
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