सीकर में आज संभाग और नीमकाथाना को जिले का दर्जा देने के सरकार के निर्णय के विरोध में बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद का व्यापक असर देखने को मिला है। शहर में दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा।
क्यों हो रहा है विरोध?
इंडी गठबंधन के बैनर तले बनी संघर्ष समिति ने सीकर से संभाग का दर्जा खत्म करने और नीमकाथाना को जिले से हटाने के सरकार के फैसले का विरोध करते हुए बंद का आह्वान किया है। समिति का मानना है कि यह निर्णय क्षेत्र के विकास के लिए हानिकारक होगा।
बंद का असर
बंद के दौरान शहर में कर्फ्यू जैसे हालात देखने को मिले। सीकर शहर, लोसल, खुड और धोद सहित कई कस्बों में दुकानें बंद रहीं। सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा।
प्रशासन की तैयारियां
बंद को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे शहर में पुलिस बल तैनात किया गया है और अधिकारी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है।
आंदोलन जारी रहेगा
बंद समर्थकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 6 जनवरी के बाद जिले में सीकर संभाग स्तर की एक बड़ी सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें सीकर, चूरू, झुंझुनूं और नीमकाथाना जिले के जनप्रतिनिधि और आमजन की सहभागिता रहेगी।
किसने दिया समर्थन?
सीकर बंद को सीकर कांग्रेस, माकपा, आरएलपी, अभिभाषक संघ, शिक्षक संघ, छात्र संगठन एसएफआई, एनएसयूआई सहित करीब 50 से ज्यादा राजनीतिक, व्यापारी और सामाजिक संगठनों ने समर्थन दिया है।
मुख्य बिंदु
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