जयपुर। राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग और आम जनता के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर है। प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय (Directorate of Drug Control) ने एक बड़ा 'ड्रग अलर्ट' जारी किया है। हाल ही में की गई गुणवत्ता जांच में रोजाना इस्तेमाल होने वाली 10 प्रमुख दवाओं और उत्पादों के सैंपल पूरी तरह फेल पाए गए हैं।
इन दवाओं में सामान्य बुखार, दर्द, बैक्टीरियल इंफेक्शन, एलर्जी, कोलेस्ट्रॉल और पेट से संबंधित बीमारियों के इलाज में काम आने वाली दवाएं शामिल हैं। सैंपल फेल होने के बाद सरकार ने इन दवाओं के संबंधित बैच के स्टॉक को तुरंत बाजार से हटाने और दवा कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
औषधि नियंत्रक अजय फाटक के अनुसार, सरकारी लैब में की गई जांच के दौरान इन दवाओं में 'असे' (Assay) यानी बीमारी को ठीक करने वाले मुख्य प्रभावकारी तत्व की मात्रा निर्धारित मानकों से काफी कम पाई गई। इसके अलावा कुछ दवाएं इंडियन फार्माकोपिया (IP) और यूनाइटेड स्टेट्स फार्माकोपिया (USP) के तय मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं।
विभाग ने प्रदेश के सभी औषधि निरीक्षकों (Drug Inspectors) और दवा विक्रेताओं (Chemists) को निर्देश दिए हैं कि वे इन विशेष बैच नंबर वाली दवाओं की बिक्री को तत्काल प्रभाव से रोकें।
यदि आप भी इनमें से कोई दवा मेडिकल स्टोर से खरीद रहे हैं, तो उसके बैच नंबर और निर्माता कंपनी का मिलान अवश्य कर लें:
| क्र.सं. | दवा/उत्पाद का नाम | संबंधित बैच नंबर | निर्माता कंपनी (Manufacturer) |
| 1 | सेफपोडॉक्सिम प्रोक्सेटिल टैबलेट 200 एमजी | VT 241139 | वीएडीएसपी फार्मा, कटेवा नगर, न्यू सांगानेर रोड, जयपुर |
| 2 | सिप्रोफ्लोक्सासिन टैबलेट 500 एमजी | CPT 24096 | विवेक फार्माकेम इंडिया, चिमनपुरा, आमेर, जयपुर |
| 3 | जैस्मिन मेहंदी फास्ट कोन | 1225-JE | आयशा मेहंदी उद्योग, सोजत सिटी, पाली |
| 4 | डेक्सामेथासोन सोडियम फॉस्फेट इंजेक्शन 10 एमएल | V250809 | ओस्केर रेमेडीज, यमुना नगर |
| 5 | रोसुवास्टेटिन, एस्पिरिन और क्लोपिडोग्रेल कैप्सूल (रोसिहोप गोल्ड 20 फोर्टे) | SIPB 9509 | रिसोल्यूट फार्मा, अहमदाबाद |
| 6 | बेथानेकोल क्लोराइड टैबलेट यूएसपी 25 एमजी | T251976 | आईकोन फार्माकेम, नासिक |
| 7 | डेक्सामेथासोन इंजेक्शन आइपी 8 एमजी 2 एमएल | AGDX 23 | एग्रोज रेमेडीज, काशीपुर, उत्तराखंड |
| 8 | निमेसुलाइड एवं पैरासिटामोल टैबलेट (निमो प्लस) | T-25016 | सॉफ्ट मेडिकेप, देवास, मध्य प्रदेश |
| 9 | ओफ्लॉक्सासिन एवं ऑर्निडाजोल ओरल सस्पेंशन | SLG25272 | सेफकॉन लाइफसाइंसेज, सिकंदरा |
| 10 | लेवोसेट्रीजिन टैबलेट (सिट्रीज-5) | PCT-25-2329G | प्लीएम रेमेडीज, सोलन, हिमाचल प्रदेश |
बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 1 से 15 अप्रैल के बीच की गई जांच में भी आयुक्तालय ने 7 दवाओं को 'मानक के अनुरूप नहीं' (NSQ - Not of Standard Quality) घोषित किया था। इनमें बुखार, खांसी, इंफेक्शन और पेट के कीड़ों की दवाएं शामिल थीं।
लोरेक्सिम ड्राई सिरप 30 एमएल (सेफिक्सिम ओरल सस्पेंशन) - बैच: LXS3-49 (लार्क लेबोरेट्रीज, अलवर)
एल्बेंडाजोल टैबलेट (पेट के कीड़ों की दवा) - बैच: PGT 24427 (एफी पैरेंटेरल्स, हिमाचल प्रदेश)
आइस्टोकफ-एलएस ड्रॉप्स (खांसी की दवा) - बैच: GLF0712B (डिजिटल विजन, हिमाचल प्रदेश)
मिथाइलोकेटिव-4 (मिथाइलप्रेडनिसोलोन टेबलेट 4 मि.ग्रा.) - बैच: T252005 (यूनाइटेड बायोसेटिकल्स, उत्तराखंड)
ओकुफ-डीएक्स (डेक्स्ट्रोमेथॉर्फन-क्लोरफेनिरामिन सिरप) - बैच: TLLM-188 (टक्सा लाइफसाइंसेज, पंजाब)
एक्सटेंसिव-500 (सेफ्यूरोक्सिम एक्सेटिल टैबलेट्स) - बैच: VT 252942 (वीएडीएसपी फार्मास्यूटिकल्स, हिमाचल प्रदेश)
सिप्रोफ्लॉक्सासिन टैबलेट्स आईपी 500 मि.ग्रा. - बैच: GT 50135 (ओमेगा फार्मा, उत्तराखंड)
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे बिना डॉक्टर की पर्ची (Prescription) के कोई भी दवा न खरीदें। यदि आपके पास घर में रखी किसी दवा का बैच नंबर ऊपर दी गई सूची से मेल खाता है, तो उसका सेवन तुरंत रोक दें और अपने डॉक्टर या नजदीकी औषधि निरीक्षक को इसकी सूचना दें।
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