जयपुर: राजस्थान सरकार ने राज्य के विकास को गति देने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस समझौते के तहत अगले छह वर्षों में दोनों बैंक राज्य सरकार को कुल 1,80,000 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान करेंगे।
विकसित राजस्थान 2047 का लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने 'विकसित राजस्थान 2047' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की है। इस योजना के तहत राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना प्रमुख लक्ष्य हैं।
बैंकों का सहयोग
बैंक ऑफ बड़ौदा अगले छह वर्षों में प्रति वर्ष 20,000 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान करेगा, जबकि बैंक ऑफ महाराष्ट्र प्रति वर्ष 10,000 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराएगा। यह धनराशि राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं, विशेषकर बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा, सड़क, पेयजल और स्वच्छता के लिए उपयोग में लाई जाएगी।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसे देश के प्रतिष्ठित बैंक अब राजस्थान की विकास यात्रा में भागीदार बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
राज्य सरकार की योजनाएं
राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में 53 हजार किलोमीटर का सड़क नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए 60 हजार करोड़ रुपये व्यय करने का संकल्प लिया है। साथ ही, राज्य सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा की उत्पत्ति क्षमता को बढ़ाकर 2029-30 तक 125 गीगावाट करने का लक्ष्य रखा है।
उपमुख्यमंत्री का बयान
उपमुख्यमंत्री (वित्त) दिया कुमारी ने कहा कि यह समझौता राज्य के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे केंद्र और राज्य सरकार के जन हित के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा।
निष्कर्ष
राजस्थान सरकार और बैंकों के बीच हुआ यह समझौता राज्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
मुख्य बिंदु:
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