जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवादों और सरकारी नियुक्तियों को लेकर दो अहम फैसले सुनाए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि तलाक की याचिका दायर करने के लिए कोई अधिकतम समय सीमा नहीं होती, वहीं दस्तावेजों की जांच में नियोक्ता की लापरवाही का खामियाजा कर्मचारी को नहीं भुगतना पड़ेगा।
न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह और न्यायाधीश अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने बूंदी पारिवारिक न्यायालय के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें 12 साल पुराने विवाद के आधार पर तलाक की याचिका खारिज कर दी गई थी।
मामला क्या था? एक अनुसूचित जनजाति की महिला (तृतीय श्रेणी शिक्षक) का विवाह 1994 में नाबालिग अवस्था में हुआ था। पति से विवाद के बाद वह 2008 से मायके रहने लगी। 2020 में जब उसने तलाक का वाद दायर किया, तो पारिवारिक न्यायालय ने इसे 'मियाद बाहर' (पुराना मामला) मानकर खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट की टिप्पणी: कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवाद 'कंटीन्यूअस कॉज ऑफ एक्शन' (लगातार जारी रहने वाला कारण) होते हैं। पारिवारिक न्यायालय अधिनियम 1984 के तहत तलाक के मामलों पर लिमिटेशन एक्ट (समय सीमा कानून) की धाराएं लागू नहीं होतीं। अब यह मामला पुनः सुनवाई के लिए लौटा दिया गया है।
एक अन्य मामले में हाईकोर्ट ने न्याय के सिद्धांत को सर्वोपरि रखते हुए एक सफाई कर्मचारी को पुनः सेवा में लेने का आदेश दिया है।
विवाद की जड़: जितेंद्र मीणा को 2018 में सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्ति मिली थी। उस समय उनकी आयु 17 वर्ष 4 माह थी (न्यूनतम 18 वर्ष आवश्यक थी)। नियुक्ति के 5 साल बाद, फरवरी 2023 में विभाग ने उन्हें नाबालिग रहते नियुक्ति पाने के आधार पर बर्खास्त कर दिया।
कोर्ट का कड़ा रुख: न्यायाधीश अशोक कुमार जैन ने बर्खास्तगी आदेश को रद्द करते हुए कहा:
तथ्य नहीं छिपाए: अभ्यर्थी ने आवेदन के समय अपनी सही आयु बताई थी, कोई जानकारी नहीं छिपाई।
विभाग की लापरवाही: चयन प्रक्रिया और नियुक्ति के समय विभाग ने दस्तावेजों का सत्यापन (Verification) क्यों नहीं किया?
सुनवाई का मौका: सेवा समाप्त करने से पहले कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया, जो नियमों के विरुद्ध है।
पारिवारिक कानून: अब पीड़ित पक्ष कभी भी कानूनी अलगाव (Divorce) के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है, चाहे विवाद कितना भी पुराना क्यों न हो।
प्रशासनिक जवाबदेही: सरकारी विभागों को नियुक्तियों के समय ही सतर्क रहना होगा। लंबे समय की सेवा के बाद प्रशासनिक चूक का हवाला देकर किसी को नौकरी से निकालना अब आसान नहीं होगा।
#RajasthanHigh Court #LegalNews #DivorceLaw #EmployeeRights #JaipurNews #HighCourtVerdict #Justice #RajasthanPolice #GovernmentJob #FamilyCourt
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.