राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव: हाईकोर्ट ने चेताया, अब देरी हुई तो जवाबदेही तय की जाएगी

राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव: हाईकोर्ट ने चेताया, अब देरी हुई तो जवाबदेही तय की जाएगी

राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव: 15 अगस्त को बजेगा बिगुल, 15 नवंबर तक हर हाल में पूरे होंगे चुनाव; हाईकोर्ट की दोटूक— 'अब एक दिन की भी देरी बर्दाश्त नहीं'

जयपुर। राजस्थान में लंबे समय से अटके पड़े त्रि-स्तरीय पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर सोमवार को माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय (High Court) ने बेहद सख्त और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की बार-बार समय सीमा बढ़ाने की मांग को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के ऐतिहासिक दिन ही चुनाव प्रक्रिया की आधिकारिक शुरुआत कर दी जाएगी और 15 नवंबर 2026 तक संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया को हर हाल में पूरा करना होगा।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा एवं न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा व गिरिराज सिंह देवन्दा की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि इसके बाद चुनाव के लिए कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा और यदि अब भी कोई देरी हुई, तो सीधे तौर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

📅 हाईकोर्ट द्वारा स्वीकृत अंतिम चुनावी समयसीमा (Timeline)

अदालत ने त्योहारों (दशहरा और दीपावली) को ध्यान में रखते हुए 90 दिनों के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के सरकारी प्लान को सशर्त मंजूरी दी है। इस फैसले के तहत पूरा चुनावी कैलेंडर इस प्रकार रहेगा:

 
OBC आयोग की रिपोर्ट
5 अगस्त 2026 तक

अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक) आयोग द्वारा ओबीसी का सर्वे पूरा कर हर हाल में सरकार को रिपोर्ट सौंपनी होगी। कोर्ट ने कहा कि इसमें अब एक दिन की भी देरी नहीं होनी चाहिए।

 
 
लॉटरी प्रक्रिया पूर्ण
15 अगस्त 2026 तक

राज्य सरकार दो दिन पहले ही वार्डों और सीटों के आरक्षण की लॉटरी निकालने की प्रक्रिया को पूरी कर लेगी।

 
 
चुनाव की आधिकारिक घोषणा (बिगुल)
15 अगस्त 2026

स्वतंत्रता दिवस के दिन राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निकाय चुनावों के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी और आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी।

 
 
पंचायत चुनाव कार्यक्रम की घोषणा
20 सितंबर 2026

पहले नगरीय निकायों के चुनाव कराए जाएंगे, जिसके बाद 20 सितंबर को पंचायत चुनाव के विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।

 
चुनावी प्रक्रिया की पूर्णता
15 नवंबर 2026 तक

निकाय और पंचायत दोनों ही स्तर के चुनावों की पूरी प्रक्रिया, मतदान व मतगणना संपन्न कराकर नई बोर्ड व पंचायतों का गठन कर दिया जाएगा।

 

🏛️ पहले आदेश के 366 दिन बाद पूरे होंगे चुनाव, अवहेलना पर बरसी अदालत

सुनवाई के दौरान याचिककर्ता संयम लोढ़ा की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता पुनीत सिंघवी ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि:

  • कोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को आदेश देकर 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव कराने को कहा था।

  • सरकार ने प्रार्थना पत्र पेश कर इसे 31 जुलाई 2026 तक बढ़वाया और अब फिर से तारीख आगे बढ़ाने आ गए।

  • वकील ने तीखा तर्क देते हुए कहा, "यह सीधे तौर पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना है। पिछले चुनाव तो मात्र 21 दिन में हो गए थे, फिर इस बार इतना समय क्यों लिया जा रहा है?"

इस पर महाधिवक्ता (AG) राजेंद्र प्रसाद ने दलील दी कि पिछला चुनाव टुकड़ों में हुआ था, लेकिन इस बार निष्पक्ष और सही तरीके से चुनाव कराने के लिए ओबीसी रिपोर्ट के बिना लॉटरी संभव नहीं है।

💬 "15 अगस्त को छुट्टी है, सब व्यस्त रहेंगे..." जब कोर्ट रूम में हुई रोचक बहस

सुनवाई के दौरान जब अदालत ने चुनाव की निश्चित तारीख पूछी, तो महाधिवक्ता ने 17 अगस्त को घोषणा करने की बात कही। इस पर कोर्ट ने बेहद कड़ा और दिलचस्प रुख अपनाया:

हाईकोर्ट: "चुनाव में इतनी देरी क्यों की जा रही है? 15 अगस्त एक ऐतिहासिक दिन है, आप इसी दिन चुनाव की घोषणा क्यों नहीं कर देते?"

राज्य निर्वाचन आयुक्त (राजेश्वर सिंह): "हुजूर, 15 अगस्त को सरकारी छुट्टी (राष्ट्रीय पर्व) होती है, उस दिन प्रशासनिक अमला और सभी लोग व्यस्त रहेंगे।"

हाईकोर्ट: "सरकार दो दिन पहले ही लॉटरी निकाल लेगी। 15 अगस्त को ही घोषणा होगी।"

अदालत ने निर्वाचन आयोग और सरकार की सभी दलीलों को दरकिनार करते हुए राष्ट्रीय पर्व के दिन ही प्रदेश में लोकतांत्रिक उत्सव की शुरुआत करने का हुक्म जारी कर दिया।

🔍 विश्लेषणात्मक निष्कर्ष: शासन और प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा

हाईकोर्ट के इस अंतिम अल्टीमेटम के बाद अब भजनलाल सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के पास पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं बचा है। दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों के बीच सुरक्षा व्यवस्था, मतदान कर्मियों की ड्यूटी और कानून-व्यवस्था संभालना पुलिस व प्रशासनिक अमले के लिए किसी बड़ी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। बहरहाल, इस ऐतिहासिक फैसले से पिछले कई महीनों से असमंजस में बैठे गांव और शहरों के भावी जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है।

#RajasthanPanchayatElection2026 #RajasthanNikayChunav #RajasthanHigh Court #StateElection Commission #BhajanlalGovernment #OBCReservationSurvey #RajasthanPolitics #BreakingNews

G News Portal G News Portal
124 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.