कोटा: कोटा के चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य में गंदे पानी के प्रवेश से जलीय जीवों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई गई है। वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य या नदी के दोनों ओर एक किलोमीटर के क्षेत्र में बना है। चंबल नदी में गंदे पानी के गिरने से जलीय जंतुओं पर पड़ने वाले प्रभावों का परीक्षण करवाया जा रहा है।
विधायक संदीप शर्मा ने वन विभाग से पूछा कि इन गंदे नालों को रोकने के लिए विभाग क्या योजना बना रहा है? मंत्री संजय शर्मा ने जवाब दिया कि घड़ियाल परियोजना को लेकर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है, जो परीक्षण के बाद सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम से भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा जाएगा कि कोटा शहर का गंदा पानी चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य में न जाए और इसे रोकने के उपाय किए जाएं। गंदे पानी को दूर करने के लिए बजट आवंटित किया गया है।
गडरिया महादेव मंदिर के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि यह संरक्षित क्षेत्र में आता है और वन विभाग को श्रद्धालुओं के लिए इसे खोलने के लिए कहा गया है। धार्मिक स्थल मंदिर वन विभाग क्षेत्र में आते हैं, और उन्हें खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
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