कोटा। रेलकर्मियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मंडल रेल चिकित्सालय कोटा में संचालित प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का विस्तार किया गया है। अब तक एक छोटे कमरे में मात्र 2 घंटे चलने वाली यह सुविधा अब एक सुव्यवस्थित केंद्र के रूप में उपलब्ध होगी। इस पुनर्विकसित केंद्र का उद्घाटन डीआरएम अनिल कालरा गुरुवार को करेंगे।
कर्मचारी हित निधि समिति द्वारा संचालित इस केंद्र को अब आधुनिक और व्यापक रूप दिया गया है। विस्तार के तहत निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:
नया हॉल और वार्ड: चिकित्सा के लिए अब एक बड़ा हॉल तैयार किया गया है और दूर से आने वाले मरीजों के लिए वार्ड की सुविधा भी विकसित की गई है।
आधुनिक उपकरण: प्राकृतिक चिकित्सा की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए नए और आधुनिक उपकरण खरीदे गए हैं।
नेचर गार्डन: अस्पताल परिसर में एक गार्डन को प्राकृतिक रूप से विकसित किया गया है, जो मरीजों को सुकून प्रदान करेगा।
इस केंद्र की सबसे खास बात यह है कि यहाँ पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) पर आधारित प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज किया जाता है। केंद्र के प्रभारी डॉक्टर चंद्रजीत शर्मा 1 जनवरी से अपनी सेवाएं विस्तार समय के साथ दे रहे हैं। अब मरीज सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक परामर्श और उपचार प्राप्त कर सकेंगे।
रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के इस विस्तार से रेल कर्मचारियों को बिना किसी दुष्प्रभाव (Side-effects) के बीमारियों से निजात पाने में मदद मिलेगी।
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