सवाई माधोपुर, राजस्थान सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत 'गिव-अप अभियान' की अवधि को सामाजिक स्वीकार्यता और उत्साहजनक जनभागीदारी को देखते हुए 31 अगस्त 2025 तक बढ़ा दिया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि सक्षम परिवार स्वेच्छा से मुफ्त राशन योजना से अपना नाम हटवा लें, ताकि इसका वास्तविक लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर यह अभियान पूरे राज्य में चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी परिवारों से अपील की है जो योजना की पात्रता श्रेणी में नहीं आते, वे स्वेच्छा से अपना नाम हटाकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दें।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए संजय झाला, उपायुक्त (द्वितीय), उपभोक्ता मामले विभाग, जयपुर को 21 जुलाई से 25 जुलाई 2025 तक सवाई माधोपुर जिले में विशेष रूप से नियुक्त किया गया है। वे जिले में पदस्थ अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाएंगे।
जिला रसद अधिकारी रामभजन मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि सवाई माधोपुर जिले में अब तक 35,605 परिवारों ने स्वेच्छा से इस योजना का लाभ छोड़ दिया है, जो उनकी सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में इस अभियान के तहत अब तक 23.51 लाख उपभोक्ताओं ने अपना नाम हटवाकर राज्य सरकार पर पड़ने वाले 427.99 करोड़ रुपये के वार्षिक बजटीय भार को कम किया है। यह निर्णय इन परिवारों की सामाजिक समझदारी और आत्मनिर्भरता का प्रमाण है।
राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम, 2023 के अनुसार, निम्नलिखित श्रेणी के परिवार खाद्य सुरक्षा योजना से अपात्र माने जाते हैं:
जिस परिवार में कोई आयकर दाता हो।
परिवार का कोई सदस्य सरकारी/अर्धसरकारी/स्वायत्त संस्थानों में कार्यरत हो।
परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो।
परिवार में चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) हो।
यह भी उल्लेखनीय है कि यदि चयनित सक्षम परिवार निर्धारित समयावधि यानी 31 अगस्त 2025 तक स्वेच्छा से योजना से नाम नहीं हटाते हैं, तो उनसे बाजार दर से राशन की वसूली की जाएगी और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
योजना से नाम हटाने के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी उचित मूल्य दुकानदार, उपखंड अधिकारी कार्यालय या जिला रसद कार्यालय में संपर्क कर आवेदन दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वे खाद्य विभाग के पोर्टल https://food.rajasthan.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।
साथ ही, सभी नए लाभार्थियों, जिन्होंने अभी तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाई है, से आग्रह किया गया है कि वे शीघ्र ही अपने और अपने परिवारजनों की ई-केवाईसी उचित मूल्य दुकानों पर जाकर पूर्ण करें। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि चयन के तीन माह बाद भी ई-केवाईसी नहीं होने पर नाम स्वतः योजना से हटा दिया जाएगा।
राज्य सरकार का यह प्रयास है कि मुफ्त राशन का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिले, जो वास्तव में इसके पात्र और ज़रूरतमंद हैं, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हो सके।
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