कोटा। कोटा में बीमार (सिक) रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान को निलंबित करने का मामला सामने आया है। मामले में खास बात यह है कि बीमारी के चलते जवान छुट्टी लेकर घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहा था। डॉक्टरों ने जवान का सिक सर्टिफिकेट जारी किया था। हालांकि अधिकारियों ने जवान पर काम मेें लापरवाही के आरोप लगाए हैं। अब यह पूरा मामला जयपुर कोर्ट पहुंच गया है। मामले की अलगी सुनवाई सोमवार को होगी। बीमारी में किसी कर्मचारी के निलंबन का संभवत: यह पहला मामला है।
सूत्रों ने बताया कि यह जवान वरिष्ठ कोटा मंडल सुरक्षा आयुक्त ऑफिस में ही कार्यालय अधीक्षक पद पर तैनात था। बीमार होने के कारण जवान अक्टूबर में छुट्टी पर चला गया। लेकिन ड्यूटि पर लौटने से पहले ही अधिकारियों ने जवान के निलंबन के आदेश जारी कर दिए। डॉक्टरों के फिट घोषित करने पर यह जवान नवंबर के दूसरे सप्ताह में ड्यूटी पर ऑफिस पहुंचा। यहां पहुंचकर जवान को पता चला की उसके निलंबन आदेश जारी हो रहे हैं। निलंबन के चलते जवान को ड्यूटि नहीं करने दी गई। इसे अधिकारियों की मनमानी बताते हुए जवान मामले को जयपुर होई कोर्ट ले गया।
नियमों की अनदेखी
इस मामले में आरपीएफ जवानों ने कहा कि अगर जवान की कुछ गलती या शिकायत थी तो उसके ड्यूटी पर लौटकर आने के बाद भी निलंबित किया जा सकता था। बीमारी में किसी को निलंबन कर अधिकारी कौनसे नियमों की पालना कर रहे हैं, इस नियम का अभी तक पता नहीं चला है। जवानों ने बताया कि यह पहली बार देखने को मिल रहा है किसी डॉक्टरों की सलाह पर बीमारी में छूट्टी में रहने के दौरान अधिकारियों ने किसी कर्मचारी के निलंबन के आदेश जारी किए हो।
शिकायतों पर कार्रवाई
मामले में अधिकारियों ने बाताया कि जवान के खिलाफ वेतन-भत्तों में देरी और काम में लापरवाही की कई शिकायतें थीं। यह शिकायतें ऊपर अधिकारियों के पास भी पहुंची थीं। हालांकि अधिकारियों ने बीमारी में निलंबन के मामले पर कोई जवाब देना जरुरी नहीं समझा।