कोटा: कोटा के डीआरएम अनिल कालरा ने रनिंग स्टाफ की समस्याओं को सुनने के लिए बुधवार को एक बैठक आयोजित की। बैठक में स्टाफ ने आराम और छुट्टी सहित कई समस्याओं से डीआरएम को अवगत कराया। डीआरएम ने रनिंग स्टाफ को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान एक महीने के भीतर कर दिया जाएगा। उन्होंने स्टाफ को यह भी बताया कि यदि उन्हें कोई समस्या है तो वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।
रनिंग स्टाफ ने डीआरएम के समक्ष कई अधिकारियों, पर्यवेक्षकों, सीएलआई और सीटीसीटी कार्यालय के कर्मचारियों पर मनमानी, पद का दुरुपयोग, हठधर्मिता और ऑन-ड्यूटी लोको पायलटों को कार्यालय में बैठने और परेशान करने का आरोप लगाया।
कर्मचारियों ने बिना एलआरडी के ड्यूटी पर लगाए जाने, चुनिंदा कर्मचारियों को मौके पर ड्यूटी पर लगाए जाने, कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाने में भारी भेदभाव, विरोध करने वाले कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने, प्रलोभन देने वाले कर्मचारियों की सुविधाओं का ध्यान रखने, कार्यालय कर्मचारियों के समय पर कार्यालय न आने, 10-10 वर्षों से कार्यालय में जमे रहने, कई स्टाफ कर्मचारियों के नशे में ड्यूटी करने, गोतीपुरा चौकी स्टेशन पर लोको पायलटों की स्थायी पोस्टिंग न होने, जिससे रेलवे को हर महीने भत्ते के रूप में लाखों रुपये का नुकसान होने और कई लोको पायलटों से लगातार एक ही रेल खंड में ड्यूटी कराने जैसी समस्याओं से भी अवगत कराया।
अगली बैठक अप्रैल में
गौरतलब है कि पिछले दिनों एक लोको पायलट ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए रनिंग स्टाफ ने लोको पायलट का शव लेकर डीआरएम कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। तब डीआरएम ने लोको पायलटों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। इसी के चलते डीआरएम ने रनिंग स्टाफ की बैठक ली। अगली बैठक अप्रैल में हो सकती है।
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