कोटा। भारतीय रेल की यात्रा को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से कोटा मंडल में 'सेफ्टी फोर्टनाइट' (संरक्षण पखवाड़ा) अभियान चलाया जा रहा है। 19 जनवरी तक चलने वाले इस विशेष अभियान का मुख्य लक्ष्य रेल परिचालन में संभावित खतरों को पहचानना और उन्हें समय रहते दूर करना है।
जोखिमों का न्यूनीकरण: रेल संचालन के दौरान आने वाले संभावित तकनीकी और मानवीय जोखिमों को कम करना।
मानकों का अनुपालन: रेलवे के तय संरक्षा मानकों को धरातल पर कड़ाई से लागू करना।
भरोसेमंद सेवा: यात्रियों को एक सुरक्षित और समयबद्ध रेल सेवा का अनुभव प्रदान करना।
अभियान के दौरान कोटा मंडल के सभी संबंधित अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहकर सीधे फील्ड-स्तर पर सक्रिय रहेंगे। इसके तहत:
गहन निरीक्षण: रेलवे ट्रैक, यार्ड, सिग्नलिंग प्रणाली और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी।
कर्मचारी काउंसलिंग: रेल परिचालन से सीधे जुड़े कर्मचारियों (जैसे लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और गैंगमेन) की काउंसलिंग की जाएगी ताकि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रति सजग रहें।
सेफ्टी ड्राइव: परिचालन में किसी भी छोटी से छोटी कमी को पकड़ने और उसे सुधारने के लिए विशेष ड्राइव चलाई जाएगी।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने जानकारी दी कि इस पखवाड़े के दौरान केवल निरीक्षण ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि:
सुरक्षा से जुड़े जितने भी लंबित कार्य, प्रस्ताव और बजट अनुमान हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप दिया जाएगा।
प्रगतिरत कार्यों की नियमित निगरानी होगी ताकि उनमें देरी न हो।
फील्ड में सुरक्षा उपकरणों और मापन यंत्रों की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
इस अभियान से न केवल रेलवे की कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि आम यात्रियों का रेल सफर और अधिक सुरक्षित व सुखद बनेगा।
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