सीएम भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में सहारा घोटाले के पीड़ितों ने एक बार फिर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और प्रशासन उनकी समस्याओं को अनदेखा कर रहा है। पीड़ितों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक आत्मदाह और धरना प्रदर्शन करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
सहारा घोटाले में ठगे गए पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिला है। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर रहे हैं और उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। इसके अलावा, पीड़ितों को अभी तक उनका पैसा भी वापस नहीं मिला है।
पीड़ितों ने बताया कि सरकार ने सहारा घोटाले के पीड़ितों को राहत देने के लिए Buds Act 2019 बनाया है, लेकिन इस कानून का ठीक से पालन नहीं हो रहा है। कई जिलों में तो भुगतान पटल खोले गए हैं, लेकिन भरतपुर जिले में अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।
पीड़ितों की मांगें
पीड़ितों ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
प्रशासन की भूमिका
भरतपुर जिला प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
यह खबर सहारा घोटाले के पीड़ितों के संघर्ष को दर्शाती है। यह भी दिखाती है कि कैसे सरकार की नीतियां अक्सर धरातल पर लागू नहीं हो पाती हैं।
क्या किया जाना चाहिए?
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