राजस्थान हाईकोर्ट ने समरावता कांड के 39 आरोपियों को बड़ी राहत देते हुए उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। न्यायमूर्ति प्रवीर भटनागर की एकलपीठ ने इन आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। इन 39 आरोपियों को अब जल्द ही टोंक जेल से रिहा किया जाएगा।
हालांकि, निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा समेत शेष अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर अब भी सुनवाई बाकी है। उनके जल्द जमानत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या है समरावता कांड?
यह मामला 13 नवंबर 2024 का है, जब टोंक जिले के समरावता गांव में विधानसभा उपचुनाव के दौरान एक विवाद हुआ था। विवाद एसडीएम और निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीना के बीच हुआ, जो बाद में बड़ा हिंसा में बदल गया था। इस घटना के बाद पुलिस ने 81 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसमें 38 आरोपी अब जमानत पर रिहा हो रहे हैं।
हाईकोर्ट का फैसला
सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पाया कि अधिकांश आरोपियों पर समान आरोप हैं और वे लंबे समय से जेल में बंद हैं। इस आधार पर जमानत मंजूर की गई। बताया जा रहा है कि नरेश मीणा समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई होगी।
जमानत पाने वाले आरोपी
जमानत पाने वालों में ब्रह्मराज, सुरेश, लवकुश, विमल, टीकाराम, बलराम, उग्रसेन, जसराम, हेतराम, उदयसिंह, कालूराम, गुल मोहम्मद, मनोज कुमार, सुदामा, खुशीराम, रामेश्वर, आत्माराम, रामराज, योगेंद्र, नेतराम, विजेंद्र, हनुमान, दिलखुश, मनीष, कमलेश, राकेश, खुशीराम-2, देशराज, भागीरथ, आत्माराम-2, बबलेश, महावीर, रवि, खेलताराम, आत्माराम-3, खेलताराम-2, राजेश और बुद्धीराम शामिल हैं।
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