जयपुर : समरावता थप्पड़कांड के बाद चर्चा में आए मालपुरा के एसडीएम अमित चौधरी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा दायर की गई याचिका पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मालपुरा ने एसडीएम सहित छह अन्य के खिलाफ दुकान ध्वस्त करने के मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मालपुरा निवासी राकेश कुमार पारीक ने अदालत में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि एसडीएम अमित चौधरी ने पिछले साल 18 अक्टूबर को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के उनकी किराए की दुकान को ध्वस्त कर दिया था। जबकि उनके पास अदालत से स्थगन आदेश भी था।
एसडीएम अमित चौधरी उस समय नगर पालिका के कार्यवाहक ईओ थे। उन्होंने तत्कालीन तहसीलदार मालपुरा पवन कुमार मातवा, प्रशासनिक अधिकारी जयनारायण जाट, गिरदावर रामदास माली, जमादार राजेश कुमार, स्टोर कीपर राजेन्द्र कुमार के साथ मिलकर यह कार्रवाई की थी।
अदालत का फैसला
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मालपुरा ने राकेश कुमार पारीक की याचिका पर सुनवाई करते हुए एसडीएम अमित चौधरी सहित छह अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
समरावता थप्पड़कांड
गौरतलब है कि एसडीएम अमित चौधरी समरावता गांव में हुए हिंसा के प्रकरण को लेकर पहले से ही चर्चा में हैं। देवली-उनियारा सीट पर हुए विधानसभा उपचुनाव के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने अमित चौधरी को थप्पड़ मारा था। इसके बाद अमित चौधरी ने नरेश मीणा पर एफआईआर दर्ज करवाई थी। फिलहाल नरेश मीणा टोंक जेल में बंद हैं और मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है।
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