कोटा। कोटा रेल मंडल में इन दिनों एक प्रशासनिक मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी (सीनियर डीपीओ) सुप्रकाश का स्थानांतरण हुए 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन उन्होंने अब तक अपनी कुर्सी नहीं छोड़ी है। पदभार नहीं छोड़ने (रिलीव न होने) के कारण उनके उत्तराधिकारी और नए अधिकारी का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
रेलवे हलकों में इस बात को लेकर जबरदस्त चर्चा है कि ट्रांसफर आर्डर जारी होने के दो सप्ताह बाद भी कोई वरिष्ठ अधिकारी पद पर बना हुआ है। आमतौर पर तबादले के बाद रिलीविंग की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाती है, लेकिन सुप्रकाश के मामले में हो रही देरी को लेकर कर्मचारी और अधिकारी कई तरह के कयास लगा रहे हैं। माना जा रहा है कि कोटा मंडल के इतिहास में किसी वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी द्वारा रिलीव न होने का यह संभवतः पहला मामला है।
सुप्रकाश का इस पद पर कार्यकाल भी चर्चा का विषय है:
सवा चार साल का कार्यकाल: सुप्रकाश ने सितंबर 2021 में यह पद संभाला था। नियमानुसार, वरिष्ठ अधिकारियों का अधिकतम कार्यकाल सामान्यतः 3 साल का होता है, लेकिन वे लगभग 4.25 साल से इस पद पर जमे हुए हैं।
रिक्त पड़ी है अगली पोस्ट: सुप्रकाश का स्थानांतरण जबलपुर मुख्यालय में सहायक कार्मिक अधिकारी के पद पर हुआ है। उनके वहां जॉइन न करने के कारण वह कुर्सी भी फिलहाल खाली पड़ी है।
सुप्रकाश की जगह लेने के लिए मंडल कार्मिक अधिकारी (डीपीओ) अविरल शर्मा कतार में हैं। अविरल शर्मा जून 2023 से कोटा में डीपीओ के पद पर कार्यरत हैं और भोपाल से आए थे। सीनियर डीपीओ के रिलीव न होने के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं और नए पदभार की प्रक्रिया अटकी हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम ने मंडल के कार्मिक विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं कि आखिर ट्रांसफर के बावजूद अधिकारी को रिलीव क्यों नहीं किया जा रहा है।
#KotaRailway #RailwayTransfer #SeniorDPO #WCRailway #RailwayNews #AdministrativeIssues #KotaNews #RailwayBoard
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.