पीजी मालिक की शर्मनाक करतूत; नहाती छात्रा का वीडियो बना किया ब्लैक मेल, कई बार बलात्कार; दोषी को सुनाई 20 साल की सजा

पीजी मालिक की शर्मनाक करतूत; नहाती छात्रा का वीडियो बना किया ब्लैक मेल, कई बार बलात्कार; दोषी को सुनाई 20 साल की सजा

राजस्थान के सीकर शहर से महिला सुरक्षा को तार-तार करने वाला एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पेइंग गेस्ट (PG) / हॉस्टल मालिक पर 18 वर्षीय छात्रा का अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने और कई बार बलात्कार करने का संगीन आरोप लगा है। इस संबंध में पीड़िता की माँ ने स्थानीय पुलिस थाने में नामजद मुकदमा दर्ज करवाया है।

नहाते वक्त बनाया वीडियो, फरवरी से अप्रैल तक किया दुष्कर्म

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित युवती सीकर के एक प्राइवेट पीजी में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही है। करीब 3-4 महीने पहले पीजी मालिक ने छिपकर उस वक्त छात्रा का एक प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड कर लिया जब वह नहा रही थी।

इसके बाद आरोपी उस अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने और उसकी बदनामी करने की धमकी देने लगा। वीडियो सार्वजनिक करने के डर और बदनामी के खौफ से आरोपी फरवरी से लेकर अप्रैल तक छात्रा को लगातार ब्लैकमेल करता रहा और उसके साथ कई बार जबरन बलात्कार किया।

डर के मारे चुप रही छात्रा, डिप्रेशन के बाद खुला राज

आरोपी की लगातार प्रताड़ना और धमकियों से परेशान होकर अंततः छात्रा ने हिम्मत जुटाई और अपनी आपबीती अपने परिजनों को बताई। बेटी के साथ हुए इस घिनौने कृत्य को सुनकर घरवालों के होश उड़ गए, जिसके बाद पीड़िता की माँ ने पुलिस थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) और आईपीसी की अन्य संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच डीएसपी (DSP) को सौंप दी है।

पोक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला: 7 साल की मासूम से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की जेल

इधर, सीकर की ही विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो कोर्ट-1 (POCSO Court) ने सात साल की मासूम बच्ची से बलात्कार के एक अन्य मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अभियुक्त नेमीचंद को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश विक्रम चौधरी ने दोषी पर ₹30,000 का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।

क्या था पोक्सो का यह मामला?

विशिष्ट लोक अभियोजक भवानी सिंह जेरठी ने बताया कि यह घटना मार्च 2023 की है। 30 मार्च 2023 को पीड़िता के ताऊ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

  • मासूम बच्ची का मामा एक निजी बस का ड्राइवर था और आरोपी नेमीचंद उसी बस में कंडक्टर का काम करता था।

  • जान-पहचान और भरोसे का फायदा उठाकर नेमीचंद का बच्ची के ननिहाल में आना-जाना था।

  • 20 मार्च 2023 को आरोपी ने 7 साल की मासूम बच्ची को अकेला पाकर उसे छत पर ले गया और उसके साथ दरिंदगी की।

3 साल के भीतर आया कड़ा फैसला

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और 16 मई 2023 को कोर्ट में चालान पेश कर दिया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से 20 गवाह और 29 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए गए। आरोपों को सही पाते हुए अदालत ने नेमीचंद को कड़ी सजा सुनाई। इसके साथ ही पोक्सो कोर्ट ने पीड़िता को विक्टिम कंपनसेशन स्कीम (प्रतिकर स्कीम) के तहत 3 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिलाने के भी आदेश जारी किए हैं।

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