राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में, भीलवाड़ा की एक अदालत ने रिश्वतखोरी के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने एक थानेदार को रिश्वत लेने के मामले में 4 साल की सजा सुनाई है और 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में एक सिपाही और एक दलाल को भी सजा सुनाई गई है।
मामले का विवरण:
यह मामला साल 2016 का है, जब एसीबी की टीम ने बिजोलिया थाने के तत्कालीन थानेदार प्रेमशंकर हरिजन को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। 16 मई 2016 को एसीबी की टीम ने थानेदार प्रेमशंकर हरिजन के साथ सिपाही अंकुर कुमार यादव और दलाल मुन्ना खान को भी पकड़ा था।
रिश्वत की मांग:
बिजोलिया थाना क्षेत्र के राणा जी का गुड्डा गांव के किसान भारमल ने एसीबी से शिकायत की थी कि थानेदार प्रेमशंकर हरिजन ने उनसे 30,000 रुपये की रिश्वत मांगी है। शिकायत के बाद एसीबी ने मामले की जांच की और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
सजा का ऐलान:
विशिष्ट न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम पवन कुमार सिंगल ने मामले की सुनवाई करते हुए थानेदार प्रेमशंकर हरिजन, सिपाही अंकुर कुमार यादव और दलाल मुन्ना खान को दोषी पाया। अदालत ने तीनों को 4 साल की सजा और 20,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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