कोटा | 17 अप्रैल, 2026
कोटा-रतलाम रेल खंड पर गुरुवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। रांवठा रोड और दरा स्टेशनों के बीच दौड़ती एक मालगाड़ी के पहियों से अचानक धुंआ निकलने लगा। समय रहते ट्रेन मैनेजर (गार्ड) की नजर धुंए पर पड़ गई, जिससे एक संभावित रेल दुर्घटना को रोक लिया गया।
यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 1:45 बजे की है, जब मालगाड़ी कोटा से रतलाम की ओर जा रही थी। गार्ड डिब्बे से सटे दूसरे वैगन में तकनीकी खराबी के कारण अचानक जलने की तेज बदबू आने लगी।
सतर्कता: ट्रेन मैनेजर अजय मीणा ने तुरंत बाहर झाँक कर देखा तो पास के वैगन के नीचे से भारी धुआं निकल रहा था।
त्वरित कार्रवाई: अजय मीणा ने बिना देरी किए लोको पायलट को सूचना दी और गाड़ी को बीच रास्ते में ही खड़ा करवाया।
ट्रेन रुकने के बाद जब जांच की गई, तो पाया गया कि मालगाड़ी के ब्रेक जाम हो गए थे। ब्रेक जाम होने की वजह से पहिया और ब्रेक के बीच लगातार घर्षण (Friction) हो रहा था।
इस घर्षण के कारण पहिया अत्यधिक गर्म (Hot Axle की स्थिति) हो गया था और उससे धुआं निकलने लगा था।
यदि ट्रेन कुछ दूर और इसी स्थिति में चलती, तो पहिया जाम होने या आग लगने से वैगन पटरी से उतर सकता था।
मौके पर ही तकनीकी सुधार करते हुए ब्रेक को रिलीज किया गया। पहिया ठंडा होने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद करीब 15 मिनट बाद मालगाड़ी को आगे के लिए रवाना किया गया।
गार्ड का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड: > उल्लेखनीय है कि ट्रेन मैनेजर अजय मीणा की सतर्कता की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी वे अपनी सूझबूझ से चार अलग-अलग मौकों पर रेल दुर्घटनाएं होने से बचा चुके हैं। उनके इस समर्पण की विभाग में प्रशंसा हो रही है।
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