SMS अस्पताल में बड़ी लापरवाही: गलत खून चढ़ाने से गर्भवती और गर्भस्थ शिशु की मौत, तीसरी घटना से हड़कंप

SMS अस्पताल में बड़ी लापरवाही: गलत खून चढ़ाने से गर्भवती और गर्भस्थ शिशु की मौत, तीसरी घटना से हड़कंप

जयपुर, 23 मई 2025: राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल में घोर लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। टोंक जिले के निवाई की रहने वाली 23 वर्षीय एक गर्भवती महिला चैना की बुधवार देर रात गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ाने से मौत हो गई। इस घटना में गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई। फरवरी 2024 के बाद SMS अस्पताल में इस तरह की यह तीसरी घटना है, जिससे मरीजों की सुरक्षा और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले का विवरण: निवाई की रहने वाली 23 वर्षीय चैना को 12 मई के दिन हीमोग्लोबिन की कमी, टीबी और प्रेग्नेंसी से जुड़ी समस्याओं के चलते SMS अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 19 मई को उसके खून सैंपल का टेस्ट किया गया, जिसमें उसका ब्लड ग्रुप A+ बताया गया। शरीर में खून की कमी होने के कारण 20 मई को मरीज को खून चढ़ाना शुरू किया गया, लेकिन कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद डॉक्टरों ने खून चढ़ाना बंद कर दिया।

बाद में जब दोबारा खून का टेस्ट किया गया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि महिला का असली ब्लड ग्रुप B+ था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ाने से गर्भवती को हेमट्यूरिया (मूत्र में रक्त आना) की समस्या होने लगी, साथ ही टैचीकार्डिया (तेज हृदय गति), बुखार और ठंड जैसे खतरनाक लक्षण भी दिखाई दिए।

डॉक्टरों का इनकार और परिजनों का आरोप: SMS अस्पताल के ब्लड बैंक द्वारा बनाई गई रिपोर्ट में भी 19 मई को किए गए सैंपल ब्लड टेस्ट में "ट्यूब में गलत रक्त" पाया गया। हालांकि, जिस डॉ. स्वाति श्रीवास्तव की देखरेख में महिला अस्पताल में भर्ती थी, उन्होंने गलत समूह के खून के इस्तेमाल से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह उस समय छुट्टी पर थीं और डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि खून चढ़ाने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई थी। डॉ. श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि मरीज पहले से ही माइलरी टीबी से पीड़ित थी और गर्भ में भ्रूण की मृत्यु के बाद उसे और भी समस्याएं हो गई थीं।

वहीं, मरीज के जीजा प्रेम प्रकाश ने बताया कि उनके परिवार को गलत खून चढ़ाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उनका आरोप है कि खून चढ़ाने से पहले महिला आंखें खोल रही थी, लेकिन गलत खून चढ़ाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और अंततः उसकी मौत हो गई।

प्रिंसिपल का बयान: SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल दीपक माहेश्वरी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "महिला वेंटिलेटर पर अस्पताल में आई थी। मामले की पड़ताल की जा रही है।"

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं: यह पहली बार नहीं है जब SMS अस्पताल में गलत खून चढ़ाने का मामला सामने आया है:

  • केस नंबर-1 (फरवरी 2024): सड़क हादसे में घायल 23 वर्षीय सचिन शर्मा को सर्जरी के दौरान गलत खून चढ़ाए गया, जिससे 23 फरवरी को उसकी मौत हो गई। इस मामले में IPC की धारा 304ए के तहत FIR दर्ज की गई, एक नर्सिंग अधिकारी निलंबित हुआ और तीन डॉक्टरों को एपीओ किया गया।
  • केस नंबर-2 (दिसंबर 2024): जेके लोन अस्पताल (SMS से संबद्ध) के कर्मचारियों ने 10 वर्षीय मुस्तफा को गलत ब्लड ग्रुप (O+ के बजाय AB+) का खून चढ़ा दिया। हालांकि, उसे 28 दिसंबर को छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन चार महीने बाद उसकी मृत्यु हो गई। इस मामले में किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

SMS अस्पताल में लगातार हो रही इस तरह की घटनाएं राज्य की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुविधा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं। प्रशासन को इन घटनाओं की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।

#SMSHospital #जयपुर #राजस्थान #चिकित्सकीयलापरवाही #गलतखून #गर्भवतीकीमौत #स्वास्थ्यसुरक्षा #मेडिकलनेगलिजेंस #JusticeForChaina #चिकित्साजांच

G News Portal G News Portal
505 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.