जयपुर। राजस्थान विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित विभिन्न विभागों के एसीएस, प्रमुख सचिव और सचिवों की कड़ी क्लास ली। शुक्रवार को आयोजित इस बैठक में स्पीकर ने विधायकों के सवालों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों और विशेष उल्लेख प्रस्तावों का समय पर जवाब न दिए जाने पर नाराजगी जताई।
स्पीकर का अधिकारियों पर सख्त रुख
देवनानी ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि बार-बार हिदायत दिए जाने के बावजूद विधायकों के सवालों और प्रस्तावों का उत्तर नहीं देना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ब्यूरोक्रेसी को विधायकों को महत्व देने का निर्देश
स्पीकर ने कहा कि विधायकों द्वारा उठाए गए सवाल और मुद्दे जनता की समस्याओं से जुड़े होते हैं। ऐसे में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इनका समय पर उत्तर दिया जाए। उन्होंने ब्यूरोक्रेसी को निर्देश दिया कि वे विधायकों को भी प्राथमिकता दें और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लें।
सत्र के दौरान जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील
स्पीकर ने कहा कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र जल्द शुरू होने वाला है और इसमें विधायकों द्वारा उठाए गए सवालों और प्रस्तावों का उत्तर समय पर और संतोषजनक तरीके से दिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ाने की सलाह दी।
शीतकालीन सत्र में होगी सख्ती
देवनानी ने संकेत दिए कि शीतकालीन सत्र के दौरान विधायकों के सवालों और प्रस्तावों को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अपने विभागीय उत्तर समय पर तैयार करें और विधानसभा की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करें।
राजस्थान विधानसभा का यह शीतकालीन सत्र राज्य की जनता और विधायकों के सवालों पर ध्यान केंद्रित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। स्पीकर के इस सख्त रुख से यह सुनिश्चित होगा कि सत्र के दौरान विधायकों के मुद्दों पर त्वरित और प्रभावी कार्यवाही हो।
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