कोटा | भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित 'केंद्रीय आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति' (CCEA) की बैठक में रेलवे की तीन महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। इन परियोजनाओं में कोटा मंडल के लिए जीवनरेखा मानी जाने वाली नागदा–मथुरा तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण भी शामिल है।
कैबिनेट द्वारा स्वीकृत इन तीनों परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत लगभग 23,437 करोड़ रुपए है। सरकार ने इन्हें वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। विशेष रूप से कोटा-नागदा तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण पर 16,403 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
नागदा–मथुरा मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्यों से होकर गुजरती है। कोटा मंडल के लिए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि:
इससे रेल यातायात की क्षमता में भारी वृद्धि होगी।
गाड़ियों की लेटलतीफी कम होगी और यात्रियों को समयबद्ध सेवाएं मिलेंगी।
लगभग 4,161 गांवों और 83 लाख की आबादी को प्रत्यक्ष रूप से बेहतर रेल सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
यह परियोजना 'पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान' के तहत तैयार की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है।
माल ढुलाई: क्षमता बढ़ने से कोयला, खाद्यान्न, सीमेंट, लोहा, इस्पात और उर्वरक जैसे आवश्यक सामानों की आवाजाही सुगम होगी।
अतिरिक्त क्षमता: इस नए ट्रैक के बनने से प्रतिवर्ष 60 मिलियन टन अतिरिक्त माल यातायात का संचालन संभव हो सकेगा।
नई रेल लाइनों के बिछने से राजस्थान के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान
मथुरा–वृंदावन (धार्मिक पर्यटन)
रेल संपर्क सुदृढ़ होने से इन क्षेत्रों में पर्यटन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
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