Rail News: श्री गंगानगर-झालावाड़ सिटी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22998) में बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब चलती ट्रेन के एक वातानुकूलित कोच की स्प्रिंग टूटी हुई पाई गई। यह गंभीर खामी तब सामने आई, जब ट्रेन सुबह कोटा पहुंची और जांच के दौरान तृतीय श्रेणी के एसी कोच में स्प्रिंग टूटी मिली।
रेलवे अधिकारियों ने खतरे की गंभीरता को समझते हुए ट्रेन को 90 किलोमीटर प्रति घंटे की नियंत्रित गति से झालावाड़ के लिए रवाना किया। वापसी में भी झालावाड़ से यही ट्रेन 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कोटा पहुंची। यह जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है कि स्प्रिंग मंगलवार को श्री गंगानगर से रवाना होने के बाद किस स्थान पर टूटी। जयपुर और सवाई माधोपुर में भी इसकी जानकारी सामने नहीं आई, जिससे यह आशंका बढ़ जाती है कि ट्रेन टूटी हुई स्प्रिंग के साथ काफी दूर तक तेज रफ्तार से दौड़ती रही।
गनीमत रही कि इस दौरान ट्रेन पटरी से नहीं उतरी और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। वापसी में कोटा पहुंचने पर टूटी स्प्रिंग वाले तृतीय श्रेणी के वातानुकूलित कोच को बदल दिया गया। इस प्रक्रिया के कारण ट्रेन कोटा से करीब एक घंटा देरी से रवाना हुई, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रेन के कोच की स्प्रिंग टूटने से कोच का संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसे में तेज रफ्तार से चल रही ट्रेन के पटरी से उतरने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे एक गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह चिंता का विषय है कि इस तरह की तकनीकी खराबी के साथ ट्रेन इतनी लंबी दूरी तक कैसे चलती रही।
रेलवे विभाग को इस मामले की गहन जांच करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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