Rail News कोटा। स्टाफ कम होने के बाद भी कैरिज के आधा दर्जन से ज्यादा सुपरवाइजर और कर्मचारियों को कुंभ मेले के लिए भेज दिया। इधर, डिब्बे सिक हो रहे हैं। स्टाफ की कमी के चलते ठीक करने की जगह गाड़ियों को बिना डिब्बों ही भेजा जा रहा है। गाड़ी में डिब्बा गायब मिलने से यात्री हैरान परेशान। लेकिन अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं। पिछले दिनों क्लब में हुई मुखिया की स्वागत और विदाई पार्टी में अधिकारियों ने कैरीज विभाग के सुपरवाइजर की भी ड्यूटी ही लगा दी।
क्लब के हैं मालिक
पहले तो ऐसे आयोजन में कैरिज कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने का मामला समझ में नहीं आया। लेकिन बाद में पता पड़ा कि इन दोनों क्लब के मालिक ही कैरिज के मुखिया हैं। इसके चलते क्लब मैनेजर का जिम्मा भी मुखिया ने अपने नजदीकी कर्मचारी को सौंप रखा है। ऐसे में पार्टी में बड़े मुखिया की आओ भगत के लिए अपने स्टाफ से ज्यादा और किस पर विश्वास किया जा सकता है। तो भेज दिया अपने स्टाफ को अधिकारियों की आओ भगत के लिए। अब चाहे स्टाफ कम हो, डिब्बे सिक हो चाहे यात्री परेशान हो, कोई फर्क नहीं पड़ता।