कोटा। भारतीय रेलवे की अत्याधुनिक सेमी हाई-स्पीड ट्रेन 'वंदे भारत' एक बार फिर कोटा रेल मंडल की पटरियों पर अपनी पूरी रफ्तार में नजर आई। कोटा से चौमहला के बीच आयोजित इस परीक्षण (Trial) के दौरान ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार को सफलतापूर्वक छुआ।
यह ट्रायल कई मायनों में खास है क्योंकि यह ट्रेन सेट रेल कोच फैक्ट्री (RCF), कपूरथला में निर्मित पहला वंदे भारत रैक है। इस नए रैक की क्षमताओं को परखने के लिए भारतीय रेलवे के अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) द्वारा विशेष परीक्षण किए जा रहे हैं।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन के अनुसार, ट्रायल के दौरान ट्रेन के विभिन्न तकनीकी पहलुओं का सूक्ष्मता से मूल्यांकन किया गया:
ट्रैक्शन परफॉर्मेंस: इंजन की खींचने की शक्ति और त्वरण का आकलन।
ब्रेक प्रणाली सत्यापन: हाई-स्पीड पर इमरजेंसी और सामान्य ब्रेक की कार्यक्षमता।
सिस्टम इंटीग्रेशन: ट्रेन के सभी इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल हिस्सों के आपसी समन्वय की जांच।
अत्याधुनिक तकनीक: इस ट्रेन में एल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड (Alstom) द्वारा आपूर्ति की गई आधुनिक 'ट्रेन कंट्रोल एवं प्रोपल्शन प्रणाली' लगाई गई है, जो इसे पहले के मॉडलों से अधिक कुशल बनाती है।
कोटा रेल मंडल देश के उन चुनिंदा रूटों में शामिल है जहाँ पटरियां हाई-स्पीड ट्रायल के लिए उपयुक्त हैं।
इतिहास: पहली बार 2018 में वंदे भारत ने इसी मंडल में 180 किमी/घंटा की रफ्तार दर्ज की थी।
अनुभव: पिछले 9 वर्षों में यहाँ दर्जनों बार इस गति पर परीक्षण किए जा चुके हैं, जो कोटा मंडल की तकनीकी सुदृढ़ता को दर्शाता है।
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