जयपुर: जयपुर में पशु क्रूरता के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के लिए जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पशु कल्याण पखवाड़ा का भी शुभारंभ किया गया।
बैठक में क्या हुआ?
- पेट शॉप्स पर नजर: नगर निगम के अधिकारियों को पेट शॉप्स के रजिस्ट्रेशन करवाने और पशुओं पर होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
- नोडल अधिकारी नियुक्त: पशु क्रूरता के मामलों में कार्रवाई के लिए जयपुर ग्रामीण और जयपुर शहर के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
- एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम: नगर निगम को भारतीय जीव कल्याण परिषद की अनुमति के बिना संचालित एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
- मृत पशुओं का निस्तारण: नगर निगम को मृत पशुओं के निस्तारण के लिए इंसीनरेटर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
- आवारा श्वान: आवारा श्वानों की समस्या से निपटने के लिए जयपुर शहर में चार सेटेलाईट केंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
- कोर कमेटी का गठन: पशु क्रूरता निवारण समिति की एक कोर कमेटी का गठन किया जाएगा जो पशु क्रूरता से संबंधित दैनिक समस्याओं का निराकरण करेगी।
- हेल्पलाइन नंबर: पशु क्रूरता संबंधी मामलों में शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
पशु कल्याण पखवाड़ा
14 जनवरी से 31 जनवरी तक जयपुर में पशु कल्याण पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जिनमें पशुओं के स्वास्थ्य की जांच, टीकाकरण और जागरूकता अभियान शामिल हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
पशु क्रूरता एक गंभीर समस्या है। यह बैठक और पशु कल्याण पखवाड़ा इस समस्या के प्रति लोगों को जागरूक करने और पशुओं के अधिकारों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
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