नई दिल्ली/जयपुर: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में बजरी के अवैध खनन, चोरी और बजरी माफियाओं से जुड़े मामलों की सीबीआई जांच के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में चल रही कार्रवाई को भी रोकने का आदेश दिया है और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
मामले का विवरण:
- सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश शेखावत एसोसिएट्स की एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) पर सुनवाई करते हुए दिया है।
- एसएलपी में वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और अधिवक्ता संदीप सिंह शेखावत ने हाईकोर्ट के 16 अप्रैल 2024 और 17 मार्च 2025 सहित अन्य आदेशों को चुनौती दी थी।
- याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे जहाजपुर, भीलवाड़ा के पूर्व खान लीजधारक हैं।
- हाईकोर्ट ने 17 मार्च को उनकी पक्षकार बनने की अर्जी खारिज कर दी थी।
- सीबीआई ने उन्हें नोटिस जारी कर उनके खिलाफ अनुसंधान कार्रवाई करने के लिए कहा है।
- याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि जब हाईकोर्ट ने बजरी चोरी से जुड़े मामले में आरोपी की जमानत याचिका को निस्तारित कर दिया है, तो अब मामले की सुनवाई करने और सीबीआई जांच का आदेश देने का कोई औचित्य नहीं है।
- उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट द्वारा इस तरह से किसी अन्य जांच एजेंसी को निर्देश देना कानून संगत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश:
- सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है।
- सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में चल रही कार्रवाई को भी रोकने का आदेश दिया है।
- सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
मुख्य बातें:
- सुप्रीम कोर्ट ने बजरी खनन मामले में हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश पर रोक लगाई।
- हाईकोर्ट में चल रही कार्रवाई पर भी रोक लगाई गई है।
- राज्य सरकार से जवाब मांगा गया है।
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