चित्तौड़गढ़, राजस्थान: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की हिरासत में एक आरोपी की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया निवासी कैलाश धाकड़ को 10 फरवरी को 4 किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि 80 लाख रुपए की रिश्वत नहीं देने पर उनकी हत्या की गई है।
मुख्य बिंदु:
- परिजनों का आरोप: कैलाश धाकड़ के परिजनों ने नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कैलाश को जिंदा देखने के लिए 80 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। रिश्वत नहीं देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी।
- पुलिस का दावा: पुलिस ने बताया कि कैलाश धाकड़ ने नारकोटिक्स विभाग की कस्टडी में जूते के फीते से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
- परिजनों का संदेह: परिजनों ने पुलिस के दावे पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि कैलाश कभी जूते नहीं पहनता था, तो फिर वह जूते के फीते से आत्महत्या कैसे कर सकता है?
- जांच की मांग: परिजनों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और एक करोड़ रुपए मुआवजे की मांग की है।
- प्रशासन का आश्वासन: मामला बढ़ता देख प्रशासन ने न्यायिक जांच का आश्वासन दिया है।
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है:
- क्या कैलाश धाकड़ की मौत आत्महत्या थी या हत्या?
- क्या नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों ने कैलाश से रिश्वत मांगी थी?
- यदि रिश्वत मांगी गई थी, तो क्या रिश्वत नहीं देने के कारण उसकी हत्या की गई?
इन सवालों का जवाब तो जांच के बाद ही मिल पाएगा। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर नारकोटिक्स विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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