कोटा | कोटा रेलवे यार्ड इन दिनों चोरों का सॉफ्ट टारगेट बना हुआ है। सुरक्षा घेरे को धता बताते हुए चोरों ने यार्ड में खड़ी यात्री ट्रेनों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बिजली के तारों की चोरी ने रेलवे प्रशासन और आरपीएफ (RPF) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, चोरों की नजर बिजली के तारों के भीतर मौजूद तांबे (कॉपर) पर है। शातिर चोर कोचों के नीचे लगे अल्टरनेटर (Alternator) और आरआरयू (RRU) उपकरणों को जोड़ने वाले बिजली के तारों को काटकर ले जा रहे हैं। इन तारों की लंबाई कई-कई मीटर है, जिनकी कीमत बाजार में हजारों रुपए आंकी जा रही है।
बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि चोरी की ये वारदातें मुख्य रूप से निम्नलिखित ट्रेनों और कोचों में हुई हैं:
कोटा-झालावाड़ पैसेंजर (59838)
कोटा-इटावा एक्सप्रेस (19813)
यार्ड में खड़े अन्य कई अतिरिक्त कोच।
लगातार तीन दिन से हो रही इन घटनाओं के कारण ट्रेनों के परिचालन और रखरखाव में भी बाधा आ रही है।
रेलवे के बिजली विभाग ने चोरी की आधिकारिक शिकायत आरपीएफ पोस्ट पर दर्ज कराई है। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और यार्ड के आसपास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साथ ही, संदिग्ध कबाड़ियों और पुराने अपराधियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस गैंग का पर्दाफाश किया जा सके।
हैरानी की बात यह है कि सुरक्षित माने जाने वाले रेलवे यार्ड में घुसकर चोर इतनी सफाई से तारों को काट रहे हैं और सुरक्षाकर्मियों को भनक तक नहीं लग रही।
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