रेलवे में जनसंपर्क अधिकारियों की पदोन्नति का मुद्दा गरमाया, बिरला ने दिया आश्वासन

रेलवे में जनसंपर्क अधिकारियों की पदोन्नति का मुद्दा गरमाया, बिरला ने दिया आश्वासन

कोटा। भारतीय रेलवे में जनसंपर्क अधिकारियों और निरीक्षकों की पदोन्नति का मामला शनिवार को कोटा में आयोजित अखिल भारतीय रेलवे जनसंपर्क सेमिनार में प्रमुखता से उठा। भारतीय रेलवे जनसंपर्क कर्मी कल्याण समिति द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस पहले सेमिनार में वक्ताओं ने पदोन्नति में देरी और खाली पदों पर नियुक्तियों की कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की।

समिति के पदाधिकारी और जयपुर मंडल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी कमल जोशी ने बताया कि जनसंपर्क कैडर के कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति न मिलने के कारण उन्हें कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कोटा में मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का पद ही नहीं है और यह कार्य वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक को सौंप रखा है। इसी तरह जबलपुर और भोपाल मंडल में भी पहले मुख्य जनसंपर्क अधिकारी की नियुक्ति थी, लेकिन अब यह काम वाणिज्य अधिकारी संभाल रहे हैं। जोशी ने बताया कि रेलवे में लगभग 12 लाख कर्मचारियों में से जनसंपर्ककर्मी मात्र 140 हैं, जो उनकी स्थिति को दर्शाता है।

जनसंपर्क अधिकारी बीएन गुप्ता और जनसंपर्क निरीक्षक शिव शंकर शाह ने बताया कि पदोन्नति के अभाव में कैडर के अधिकतर कर्मचारी उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं जिस पर वे भर्ती हुए थे। शाह ने जनसंपर्क में विभिन्न पदोन्नति स्तरों - पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर, सीनियर पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर, चीफ पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर और फिर जनसंपर्क अधिकारी - की जानकारी दी, और बताया कि तीन-तीन साल में पदोन्नति होनी चाहिए, लेकिन पद खाली न होने पर प्रमोशन नहीं होता।

सेमिनार के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जनसंपर्क अधिकारियों के इस मुद्दे को रेल मंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। बिरला ने भारतीय रेलवे में जनसंपर्क कैडर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है, जिसकी मजबूती से रेलवे की छवि और पारदर्शिता में वृद्धि होती है। उन्होंने रेलवे में हो रहे तेजी से बदलावों की जानकारी जनता तक पहुंचाने में जनसंपर्क अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

सेमिनार में सात सूत्रीय प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसमें कैडर के लिए एकीकृत पदोन्नति के अवसर और कार्य प्रणाली को समान करना, पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर का न्यूनतम प्रारंभिक वेतनमान ग्रेड पे 4200 (लेवल-6) करना, रिक्त पदों पर भर्ती और कैडर क्षमता बढ़ाना, पीआरओ पद के लिए डिपार्टमेंटल प्रमोशन की पात्रता व भर्ती नियम में बदलाव, कार्य अनुभवों की सेवा शर्त पात्रता सीमित करना, जोन व मंडल में जनसंपर्क के पदों की संख्या बढ़ाना, वित्तीय उन्नयन के लिए सुपरवाइजरों का लेवल 8 व 9 तक ले जाना तथा अनुभवी सीनियर पीआरओ को मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी (सीपीआरओ) पद पर पदोन्नति करना शामिल है।

सेमिनार को विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा सहित अन्य अधिकारी और पत्रकार भी उपस्थित थे।

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