जयपुर: राजस्थान का एक छोटा सा गांव बस्सी झाझड़ा अब मिनी इजरायल के नाम से जाना जाता है। इस गांव के किसानों ने इजरायली तकनीक को अपनाकर खेती में क्रांति ला दी है।
कैसे हुआ यह संभव:
यह गांव जयपुर के आसपास के इलाके में स्थित है। यहां के किसानों ने इजरायल की आधुनिक खेती की तकनीक को अपनाकर पॉलीहाउस और शेडनेट हाउस में सब्जियां उगाना शुरू किया। इस तकनीक के जरिए वे कम पानी में अधिक उत्पादन लेने में सफल रहे हैं।
किसानों की सफलता की कहानी:
इजरायल की तकनीक:
इजरायल खेती के क्षेत्र में काफी आगे है। इस देश ने रेगिस्तान में भी खेती करने की तकनीक विकसित की है। इसी तकनीक को अपनाकर इस गांव के किसानों ने अपनी किस्मत बदल दी है।
क्यों है खास यह गांव:
खीरा का हब:
गांव में खीरे की खेती सबसे ज्यादा होती है। किसान पॉलीहाउस में उन्नत किस्म का विदेशी खीरा उगाते हैं। खीरा का बाजार आसानी से मिल जाता है और इसका उत्पादन भी खूब होता है।
किसान खेमाराम ने बदली गांव की तस्वीर:
गांव में इस तकनीक को लाने वाले खेमाराम साल 2012 में राजस्थान सरकार के सहयोग से इजरायल में खेती सीखने गए थे। वहां पर उन्होंने कम पानी में पॉलीहाउस की खेती को देखा और समझा। अपने गांव जाकर खेमाराम ने इजरायली तकनीक से खेती की शुरुआत की और लाखों का मुनाफा हुआ। देखते ही देखते पूरे गांव में 2000 से ज्यादा पॉली हाउस लग चुके हैं और सैकड़ों किसान इनमें खेती कर लाखों रुपए कमा रहे हैं।
निष्कर्ष:
यह गांव एक मिसाल है कि किस तरह आधुनिक तकनीक का उपयोग करके खेती को लाभदायक बनाया जा सकता है। यह गांव न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है।
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