कोटा। भारतीय रेलवे की अत्याधुनिक और सेमी-हाई-स्पीड 'वंदे भारत' ट्रेन के नए रेक का ट्रायल शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। पिछले 21 दिनों से कोटा रेल मंडल में चल रहा यह परीक्षण अंतिम दिन भी अपनी पूरी क्षमता के साथ जारी रहा, जहां ट्रेन ने अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को छुआ। लखनऊ स्थित अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) के अधिकारियों ने इस पूरे ट्रायल को पूरी तरह सफल घोषित किया है।
कोटा-चौमहला-रवांजना डूंगर-कोटा खंड पर हुए इस 21 दिवसीय ट्रायल के दौरान ट्रेन को कई कड़े और जटिल परीक्षणों से गुजारा गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
ब्रेकिंग सिस्टम की जांच: आपातकालीन ब्रेकिंग दूरी (सर्विस ब्रेक सहित) और आपातकालीन ब्रेकिंग तापीय क्षमता (Thermal Capacity) का गहन परीक्षण किया गया।
सुरक्षा मानक: ट्रेन की सुरक्षा को मजबूत करने वाले 'विजीलेंस कंट्रोल डिवाइस' (VCD) को परखा गया।
ट्रैक और लोड कंडीशन: ट्रेन को खाली (Empty) और पूरी तरह भरी हुई (Loaded) स्थिति में चलाकर देखा गया। साथ ही सूखे और गीले, दोनों तरह के ट्रैकों पर इसकी परफॉरमेंस जांची गई।
सवारी आराम (Ride Quality): सफर के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए दोलन (Oscillation), झटके और कंपन (Vibrations) जैसे समस्त तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच की गई।
इस ट्रायल की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार अल्सटॉम-प्रणोदन (Alstom-propulsion) प्रणाली से लैस 16-कार वाले इस विशेष वंदे भारत रेक का निर्माण रेल कोच फैक्ट्री (RCF), कपूरथला में किया गया है। मेक इन इंडिया के तहत तैयार यह नया रेक तकनीकी रूप से बेहद उन्नत है।
अधिकारियों के मुताबिक, ट्रायल के नतीजे बेहद सकारात्मक रहे हैं और सभी सुरक्षा व तकनीकी मानकों पर ट्रेन खरी उतरी है। इस सफल परीक्षण के बाद अब जल्द ही इस रूट पर यात्रियों को रफ्तार और आराम का एक नया अनुभव मिलने की उम्मीद है।
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