कोटा/हिंडौन सिटी। रेलवे में डमी कैंडिडेट के जरिए गार्ड की नौकरी पाने और फिर बर्खास्त होने वाले राजेंद्र मीणा के खिलाफ धोखाधड़ी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब राजेंद्र के खिलाफ हिंडौन थाने में नौकरी दिलाने के नाम पर 2 लाख रुपए हड़पने का एक नया मामला दर्ज हुआ है।
फरियादी जितेंद्र मीणा (निवासी हिंडौन) ने इस्तगासे के जरिए रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार, राजेंद्र मीणा ने अपने सहयोगी राजीव कुमार मीणा के माध्यम से जितेंद्र को झांसा दिया कि वह ₹4 लाख लेकर उसे रेलवे में नौकरी लगवा देगा।
लेनदेन का विवरण:
नगद: राजीव कुमार मीणा ने गांव आकर ₹1 लाख नगद लिए।
डिजिटल पेमेंट: नवंबर और दिसंबर 2024 के दौरान किस्तों में ₹1 लाख (10 हजार, 50 हजार और 40 हजार) फोन-पे के माध्यम से ट्रांसफर किए गए।
पैसे लेने के बाद जब नौकरी नहीं लगी, तो पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि राजेंद्र और राजीव पहले तो टालमटोल करते रहे, लेकिन बाद में उन्होंने पैसे लौटाने से साफ मना कर दिया और पीड़ित को मारपीट की धमकी दी। हिंडौन सिटी थाने में सुनवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट (इस्तगासे) की शरण ली, जिसके बाद 13 अगस्त 2025 को मामला दर्ज हुआ।
राजेंद्र मीणा का इतिहास फर्जीवाड़े से भरा रहा है:
खुद डमी कैंडिडेट से बना गार्ड: राजेंद्र ने खुद रेलवे में डमी कैंडिडेट बैठाकर प्रमोशन पाया और गार्ड बना था। जांच में दोषी पाए जाने पर कोटा मंडल रेल प्रशासन ने उसे पिछले साल ही बर्खास्त कर दिया था।
सीबीआई जांच के घेरे में: राजेंद्र का नाम मनीष मीणा नामक व्यक्ति से ठगी में भी शामिल है, जिसकी जांच CBI कर रही है।
पारिवारिक बर्खास्तगी: मनीष मीणा की पत्नी सपना की नौकरी भी राजेंद्र ने डमी कैंडिडेट के जरिए लगवाई थी, जिसके कारण रेलवे ने सपना को भी बर्खास्त कर दिया है।
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