कोटा | रेलवे के टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) के बीच इन दिनों एक अजीबोगरीब मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले महीने ड्यूटी के दौरान गुम हुई टीटीई अशोक प्रजापति की रसीद बुक (EFT) आखिरकार मिल गई है। दिलचस्प बात यह है कि यह रसीद बुक किसी बाहरी व्यक्ति के पास नहीं, बल्कि उनके ही साथी टीटीई रविंद्र पहलवान के बैग में मिली।
घटना 26 दिसंबर की है, जब टीटीई अशोक प्रजापति निजामुद्दीन-त्रिवेंद्रम संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (22656) में ड्यूटी पर थे। ट्रेन के गुडला से कोटा स्टेशन के बीच के मात्र 10 मिनट के सफर के दौरान उनकी रसीद बुक अचानक गायब हो गई। उस समय अशोक के साथ टीटीई रविंद्र पहलवान और दलपत सुमन भी मौजूद थे। काफी तलाश के बाद भी जब रसीद बुक नहीं मिली, तो अशोक ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों और जीआरपी (GRP) को दी।
शुरुआती सूचना पर कोई ठोस कार्रवाई न होते देख, अशोक प्रजापति ने 10 जनवरी को जीआरपी में रसीद बुक चोरी की पक्की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
FIR दर्ज होने के ठीक 5 दिन बाद, साथी टीटीई रविंद्र पहलवान ने थाने पहुंचकर जीआरपी को यह रसीद बुक सौंप दी। रविंद्र का कहना है कि:
यह रसीद बुक गलती से उनके बैग में आ गई थी।
पिछले दिनों घर पर बैग की तलाशी के दौरान उन्हें यह मिली।
यह बुक करीब 20 दिनों तक उनके बैग में ही पड़ी रही।
यह मामला अब रेल महकमे में कौतूहल का विषय बना हुआ है। चर्चा इस बात की है कि जो टीटीई (रविंद्र) लगातार ड्यूटी कर रहा था, उसे 20 दिनों तक अपने ही बैग में रखी रसीद बुक नजर क्यों नहीं आई? और जैसे ही पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज की, वैसे ही रसीद बुक अचानक 'मिल' गई।
जीआरपी फिलहाल मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि यह महज एक मानवीय भूल थी या इसके पीछे कुछ और कारण थे।
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