कोटा। कोटा-नागदा रेलखंड पर स्थित आलोट स्टेशन इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से जूझ रहा है। लगातार बढ़ती भीड़ के बावजूद, रेल प्रशासन की ओर से कोई खास इंतजाम नज़र नहीं आ रहे, जिससे यहां किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ती जा रही है।
श्रद्धालुओं ने बताया कि करीब तीन महीने पहले आलोट स्टेशन से लगभग 2 किलोमीटर दूर एक शिवलिंग प्रकट होने की खबर सामने आई थी। इस शिवलिंग को श्रद्धालु अब "रोग मुक्तेश्वर महादेव" के नाम से पुकार रहे हैं। अपनी बीमारियों से मुक्ति पाने की कामना और भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिनमें ज़्यादातर महिलाएं शामिल होती हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, भगवान शिव की ख्याति जैसे-जैसे फैल रही है, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है। अब सुवासरा, शामगढ़, भवानीमंडी, गरोठ और चोमेला जैसे आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु आलोट पहुंचने लगे हैं। सोमवार को यहां सबसे ज़्यादा भीड़ देखी जाती है।
इस सोमवार, 16 मई को भी यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी, जिनमें अधिकतर महिलाएं थीं। प्लेटफॉर्म के अलावा, बड़ी संख्या में ये महिलाएं रेल पटरियों पर खड़ी होकर ट्रेन का इंतज़ार करती नज़र आईं। ऐसी स्थिति में, यदि दोनों तरफ से एक साथ ट्रेनें आती हैं, तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। हालांकि, इसके बावजूद महिलाओं को पटरी से हटाने के लिए आरपीएफ या जीआरपी का कोई जवान मौजूद नहीं था।
श्रद्धालुओं का कहना है कि ज़्यादातर लोग ट्रेनों से ही यहां पहुंचते हैं, जिसके कारण ट्रेनों की हालत भी गंभीर बनी हुई है। कोटा-नागदा सहित उन लोकल ट्रेनों की स्थिति सबसे ज़्यादा खराब है। पहले से ही भीड़ से जूझ रही मेमू ट्रेनों में श्रद्धालु गेट के बाहर तक लटक कर यात्रा करने को मजबूर हैं।
आलोट स्टेशन स्टाफ ने चिंता जताते हुए कहा कि जुलाई में सावन का महीना शुरू हो रहा है, ऐसे में श्रद्धालुओं की संख्या और भी ज़्यादा बढ़ने की उम्मीद है। अगर हालात अभी की तरह ही रहे, तो भीड़ को संभालना मुश्किल हो जाएगा और किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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