केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को देश का आम बजट पेश किया। इस बजट में शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में लाखों विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं, जिनसे उन्हें अपने सपनों को नई उड़ान देने में मदद मिलेगी।
आईआईटीज में 6500 सीटें बढ़ाई जाएंगी:
बजट घोषणा के अनुसार, वर्ष 2014 के बाद स्थापित हुई आईआईटीज में 6500 सीटें बढ़ाई जाएंगी। इन संस्थानों में इतने विद्यार्थियों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जाएगा। विदित है कि 2014 में देश में 7 नई आईआईटी शुरू की गई थी। इसमें हैदराबाद, इंदौर, गांधीनगर, जोधपुर, मंडी, भुवनेश्वर और पटना शामिल है। इन आईआईटीज में विद्यार्थियों के अब रहने एवं अन्य समस्त सुविधाओं का विस्तार होगा।
मेडिकल कॉलेजों में 75 हजार सीटें बढ़ाई जाएंगी:
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी विस्तार की घोषणा की गई है। बजट घोषणा के अनुसार, देश के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में अगले 5 वर्षों में 75 हजार सीटें बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। अगले वर्ष 10 हजार अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी। वर्तमान में देश के 779 मेडिकल कॉलेज में 1,17,950 एमबीबीएस सीट हैं, जबकि पीजी की सीट्स 54,000 हैं।
कोटा कोचिंग को भी मिलेगा बढ़ावा:
आम बजट में मेडिकल व आईआईटी संस्थानों में सीटें बढ़ाने की घोषणा से कोटा कोचिंग को भी बूस्टर डोज मिलेगी। कोटा पूरे देश में कोचिंग सिटी के नाम से जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में देशभर के स्टूडेंट नीट व जेईई की तैयारी करने आते हैं। सीटें बढ़ने से कोटा में भी तैयारी करने वाले स्टूडेंट की संख्या में इजाफा होगा।
देश को स्किल्ड यूथ मिलेगा:
वर्तमान में कुल 23 आईआईटीज में 17 हजार 385 सीटें हैं। ऐसे में सीटों की संख्या बढ़ने से लाखों विद्यार्थियों को जेईई मेन एवं एडवांस्ड परीक्षाओं के प्रति रुझान बढ़ेगा। साथ ही, देश में आईआईटीयंस की संख्या बढ़ने से देश को स्किल्ड यूथ मिलेगा, जो कि आने वाली तकनीक के क्षेत्र में देश को आगे ले जाएगा। बजट में आर्टिफिशल इंटेलीजेंस एवं नवीन तकनीक को भी बढ़ावा देने की बात कही गई है।
10 वर्षों में 1 लाख 35 हजार आईआईटीयन तैयार:
बजट भाषण के अनुसार, गत 10 वर्षों में 1 लाख 35 हजार आईआईटीयन देश को आईआईटीज ने दिए हैं। देश में चल रहे स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा देने के लिए 20 करोड़ तक का लोन देने की बात कही गई है।
जेईई मेन में रिकॉर्ड आवेदन:
इस वर्ष देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन के इतिहास में सर्वाधिक 13 लाख 78 हजार विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। अभी अप्रेल परीक्षा के लिए 2 लाख से अधिक नए विद्यार्थी और आवेदन करेंगे। ऐसे में इस वर्ष 15 लाख से अधिक विद्यार्थी जेईई मेन की परीक्षा में शामिल होंगे, जो कि विद्यार्थियों के इंजीनियरिंग के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा में भी बढ़ती है प्रतिस्पर्धा:
नए मेडिकल कॉलेज और पुरानों में बीते 10 सालों में 61,042 एमबीबीएस की सीट्स बढ़ी हैं। साल 2015 में 56908 सीट्स थी, जबकि 2024 में नेशनल मेडिकल कमीशन के डेटा के अनुसार 1,17,950 एमबीबीएस सीट्स पर छात्रों को एडमिशन मिला है। इस अनुसार 107 फीसदी सीट्स 10 सालों में बढ़ गई। केन्द्र सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है, जिसके तहत काफी जिलों में कॉलेज खुल भी गए हैं। इसी तरह से 2014 में 31185 पीजी सीट्स थी, जो वर्तमान में 54 हजार से ज्यादा हैं।
कोटा के लिए भी बजट अच्छा:
बजट में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से देश को स्वस्थ और समृद्ध भविष्य प्रदान करने की दृष्टि स्पष्ट नजर आ रही है। कॅरियर सिटी कोटा के लिए बजट अच्छा है। इससे यहां तैयारी करने वाले और अधिक विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर बनने का अवसर मिलेगा। आईआईटीज में सुविधाएं बढ़ाना, सीटें बढ़ाना युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर देना है। आईआईटीज और आईआईएससी में 10 हजार फैलोशिप देना युवाओं के लिए बड़ा प्रोत्साहन है। देश में चिकित्सा पेशेवरों की आवश्यकता को समझते हुए अधिक मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में 75,000 सीटें बढ़ाने की घोषणा की गई है। इसमें अगले वर्ष में 10 हजार सीटें बढ़ाने का लक्ष्य है। इससे मेडिकल व इंजीनियरिंग संस्थानों में पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी और कोटा में भी नीट व जेईई की तैयारी करने के लिए आने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी।
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