कोटा: पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के डीआरएम अनिल कालरा ने शुक्रवार को कोटा-नागदा रेलखंड का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने अपने साथ किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को नहीं रखा। उनके साथ केवल विभिन्न विभागों के सहायक मंडल स्तर के अधिकारी थे। संभवतः यह पहला मौका था जब किसी डीआरएम ने अपने दौरे के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को साथ रखना जरूरी नहीं समझा।
अधूरा दौरा:
हालांकि, डीआरएम कालरा का यह दौरा अधूरा रहा। उन्होंने चौमहला और विक्रमगढ़ आलोट का निरीक्षण नहीं किया। यहां पर स्टेशन स्टॉफ और लोग कालरा का इंतजार करते रह गए। दौरे के दौरान कालरा शामगढ़ से ही कोटा लौट आए। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, कालरा 5 फरवरी को फिर से इस रेलखंड का दौरा कर सकते हैं।
स्टेशनों के विकास कार्यों का लिया जायजा:
निरीक्षण के दौरान डीआरएम कालरा ने अमृत भारत योजना के तहत चल रहे रामगंजमंडी, भवानीमंडी, गरोठ और शामगढ़ स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने काम के दौरान यात्री सुविधाओं का ध्यान रखने, काम में तेजी लाने, गुणवत्ता और साफ सफाई का ध्यान रखने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने रेल पटरियों के पाइंट और स्टेशन मास्टर पैनल आदि संरक्षा पहलुओं की भी जांच की।
अधिकारियों ने बताई प्रगति:
अधिकारियों ने डीआरएम को बताया कि अब तक रामगंजमंडी में 59%, भवानीमंडी में 63% तथा शामगढ़ में 71% काम पूरा हो चुका है।
निरीक्षण दल में शामिल अधिकारी:
निरीक्षण के दौरान डीआरएम कालरा के साथ सहायक मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमित वर्मा, सहायक परिचालन प्रबंधक जेएस सोहल, सहायक विद्युत इंजीनियर तथा सहायक मंडल इंजीनियर आदि अधिकारी थे।
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