कोटा। अपनी सूझबूझ और तत्परता से संभावित रेल हादसों को टालने वाले कोटा मंडल के पांच कर्मचारियों को मंगलवार को डीआरएम (DRM) अवार्ड से नवाजा गया। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनिल कालरा ने स्वयं इन जांबाज कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान कर उनकी कर्तव्यपरायणता की सराहना की।
सम्मानित होने वालों में रांवठा रोड स्टेशन के डिप्टी एसएस निर्मल मीणा व ललित बौरासी, पॉइंट्समैन मक्खन मीणा और रणथंभौर स्टेशन के स्टेशन मास्टर राजेश जांगिड़ शामिल हैं।
रेल प्रशासन के अनुसार, इन कर्मचारियों ने अलग-अलग घटनाओं में अपनी पैनी नजर से बड़े खतरों को भांप लिया था:
चलती ट्रेन में बुझाई आग: 2 फरवरी को रांवठा रोड स्टेशन पर तैनात निर्मल मीणा और ललित बौरासी ने नई दिल्ली-इंदौर इंटरसिटी (12416) के एसी कोच के पहियों में आग की लपटें देखीं। उन्होंने बिना समय गंवाए लाल झंडी दिखाई और VHF सेट के जरिए ट्रेन को तुरंत रुकवाया। इसके बाद पॉइंट्समैन ललित बौरासी और मक्खन मीणा ने अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) की मदद से आग पर काबू पाया।
धुआं देखते ही रुकवाई ट्रेन: एक अन्य घटना में, रणथंभौर स्टेशन पर स्टेशन मास्टर राजेश जांगिड़ ने एक अप-ट्रेन को पास करते समय इंजन के पहिये से धुआं निकलते देखा। उन्होंने तत्काल ऑफिस पहुंचकर लोको पायलट को सूचना दी और ट्रेन खड़ी करवाई, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
पुरस्कार वितरण के दौरान डीआरएम अनिल कालरा ने कहा कि रेलवे के लिए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इन कर्मचारियों ने जिस तरह से अपनी ड्यूटी के दौरान सतर्कता दिखाई, वह अन्य रेलकर्मियों के लिए भी प्रेरणादायक है। उनकी सजगता के कारण ही एक बड़ी अनहोनी टल सकी।
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